लखनऊ : कोर्ट परिसर में हत्यारोपी पर वकीलों ने चलाई गोली

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। राजधानी में लोगों के जेहन में दहशत कायम करने के लिए अपराधियों के हौसलें बुलंद हो रहे हैं। अपराधियों ने कोर्ट का मजाक बना लिया है। बता दें कि शुक्रवार को एक ऐसा ही मामला पुलिस ने अपनी केस डायरी में दर्ज किया है। जहां लखनऊ सेशन कोर्ट परिसर में वकीलों के लिबास पहने …

लखनऊ। राजधानी में लोगों के जेहन में दहशत कायम करने के लिए अपराधियों के हौसलें बुलंद हो रहे हैं। अपराधियों ने कोर्ट का मजाक बना लिया है। बता दें कि शुक्रवार को एक ऐसा ही मामला पुलिस ने अपनी केस डायरी में दर्ज किया है। जहां लखनऊ सेशन कोर्ट परिसर में वकीलों के लिबास पहने 15-20 लोगों ने पेशी के लिए पहुंचे एक हत्यारोपी की पहले तो जमकर पिटाई की।

इसके बाद उसे जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। गनीमत थी कि निशान चुक गया। इसके हमलावर हत्यारोपी के सिर पर तमंचे की बट से मारकर वहां से भाग निकले। बता दें कि पीड़ित की तहरीर पर वजीरगंज कोतवाली पुलिस ने चार नामजद समेत 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की तफ्तीश में पुलिस जुटी हुई है। वहीं घटना के बाद से कोर्ट परिसर में गहमा-गहमी मची हुई है।

वजीरगंज कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, 29 जुलाई को उन्नाव जनपद के मौरावां थाना क्षेत्र पारा गांव निवासी आदिल सिद्दकी हत्या के एक मामले में पेशी के लिए लखनऊ सेशन कोर्ट में एडीजे-4 की अदालत में पहुंचा था। बताया कि वह कक्ष संख्या-03 में बैठा हुआ था। इसी बीच जानकीपुरम कोतवाली क्षेत्र के मड़ियांव गांव निवासी बृजेंद्र उर्फ वीरू, राहुल कोटा, अभय गौड़ उर्फ बाबू, तनवीर समेत 15-20 लोग अधिवक्ता के भेष में आए और गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।

इसके बाद कॉलर पकड़कर अदालत से बाहर लेकर आए और एकजुट होकर लात-घूसों से पिटाई शुरू कर दी। इसी बीच बृजेंद्र ने पिस्तौल निकाल कर आदिल के सीने से सटाई और जान लेने की नीयत से फायर कर दिया, पर फायर मिस हो गया। इसके बाद बृजेंद्र पिस्तौल की बट आदिल के सिर पर मारकर सभी साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। आदिल के सिर पर गंभीर चोट आई है। आदिल की लिखित शिकायत पर बृजेंद्र सिंह उर्फ वीरू, राहुल कोटा, अभय गौड़ उर्फ बाबू, तनवीर और 15-20 अधिवक्ता की पोशाक धारी अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

सीसीटीवी फुटेज में फायरिंग की कोई घटना नहीं

इंस्पेक्टर राजेश मिश्रा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई है। जिन आरोपियों के खिलाफ मारपीट व फायरिंग करने का आरोप लगाया गया है, वे अधिवक्ता ही हैं। हालांकि सीसीटीवी में फायरिंग का कोई फुटेज नहीं मिला है, सिर्फ मारपीट का ही फुटेज मिला है। मारपीट के कारणों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। पुरानी रंजिश होने का कयास लगाया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

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