हरदोई: बच्चों को ले कर दंपति में हुआ विवाद, पत्नी ने लगाई फांसी, पति ने की आत्महत्या

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई। पहली पत्नी के बच्चों के साथ न रहने की बात पर हुई नोंक-झोंक के चलते पत्नी ने घर के अंदर फांसी लगा ली। इसके बाद पति ने ट्रेन के आगे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इसकी खबर सुनते ही वहां पहुंचें पत्नी के मायके वालों ने सिर्फ बवाल ही नहीं काटा बल्कि घरों में …

हरदोई। पहली पत्नी के बच्चों के साथ न रहने की बात पर हुई नोंक-झोंक के चलते पत्नी ने घर के अंदर फांसी लगा ली। इसके बाद पति ने ट्रेन के आगे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इसकी खबर सुनते ही वहां पहुंचें पत्नी के मायके वालों ने सिर्फ बवाल ही नहीं काटा बल्कि घरों में घुस कर कई लोगों से मार-पीट की। उनकी इस हरकत से वहां तनाव फैल गया। जिसे देखते हुए वहां पुलिस तैनात की गई है। साथ ही एसपी राजेश द्विवेदी इस मामले पर पल-पल की खबर ले रहें हैं।

बताते हैं कि कोतवाली देहात के कोर्रिया गांव निवासी 30 साल मोहित सिंह पुत्र विशेश्वर सिंह की शादी लोनार थाने के महरेपुर के विष्णु सिंह की बेटी 26 साल अंजलि के साथ हुई थी। यहां बताते चलें कि मोहित की पहली पूजा की दो साल पहले मौत हो गई थी। उसके एक चार साल का बेटा शिवा और दो साल की बेटी सृष्टि है। मोहित सिंह परिवहन निगम में बस ड्राइवर था।

बताया गया है कि उन्ही दोनों बच्चो को ले कर मोहित और अंजलि के बीच आए दिन नोंक-झोंक होती रहती थी। शनिवार की रात वह जब ड्यूटी से लौटा तो अंजलि ने बच्चों शिवा और सृष्टि के साथ रहने से मना कर दिया। इसी बात पर दोनों में नोंक-झोंक होने लगी। इसी बीच पत्नी अंजलि ने कमरें में दुपट्टे से फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। वहीं दूसरी तरफ मोहित घर से निकल कर कुछ दूरी पर रेल पटरी पर पहुंचा, जहां उसने ट्रेन के आगे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

इसका पता होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। वहां पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्ज़े में ले लिया। इसी बीच अंजलि का भाई अरुण सिंह अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। जहां अरुण और उसके साथियों ने सिर्फ बवाल ही नहीं किया,बल्कि पुलिस की मौजूदगी में घरों में घुस-घुस कर जमकर मार-पीट की। मोहित के बहनोई उत्तम सिंह निवासी बसेलिया थाना पाली की बुरी तरह पिटाई कर दी।

अंजलि के मायके वालों की इस हरकत से मोहित सिंह के घर वालों में ही नहीं, बल्कि पूरे गांव में तनाव फैल गया। इसका पता होते ही एसपी राजेश द्विवेदी और एएसपी पूर्वी अनिल कुमार यादव पुलिस जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी श्री द्विवेदी ने मोहित के घर के आसपास पुलिस जवानों को तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि इस तरह कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

गांव की पहचान है विशेश्वर सिंह का परिवार

मोहित सिंह के पिता विशेश्वर सिंह भी परिवहन निगम में तैनात थे। उनके तीन बेटे रामशंकर सिंह,राजेश सिंह और मोहित सिंह के अलावा तीन बेटियां मीरा, रचना और ममता है। सभी शादी-शुदा है। गांव में विशेश्वर सिंह की अलग पहचान है। उनका और उनके परिवार शालीनता का हर कोई कायल हैं। उन्होंने अपने तीनों बेटों को अलग-अलग मकान दे रखा है। जहां तीनों का परिवार रहता था।

पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात रही पुलिस

आत्महत्या करने वाले मोहित सिंह के ससुराल वालों की हरकत को देखते हुए एसपी राजेश द्विवेदी के निर्देश पर पोस्टमार्टम हाउस पर भी पुलिस को तैनात किया गया था। माना जा रहा था कि अंजलि का अरुण और उसके साथी वहां भी कानून को बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। एसएचओ कोतवाली देहात गंगेश शुक्ला की कड़ी निगरानी में दोनों शवों का वहां पोस्टमार्टम कराया गया।

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