China Taiwan Crisis : इन तीन ताकतवर देशों ने मिलकर चीन को धमकाया, जानिए क्यों?

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वाशिंगटन। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने एकजुट होकर चीन को चेतावनी दी है। तीनों देशों ने रणनीतिक वार्ता के दौरान तल्ख लहजे में कहा कि चीन अपने सैन्य अभ्यास को तुरंत बंद कर दे। साथ ही तीनों देशों ने ताइवान जलडमरूमध्य में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। अमेरिका के विदेश …

वाशिंगटन। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने एकजुट होकर चीन को चेतावनी दी है। तीनों देशों ने रणनीतिक वार्ता के दौरान तल्ख लहजे में कहा कि चीन अपने सैन्य अभ्यास को तुरंत बंद कर दे। साथ ही तीनों देशों ने ताइवान जलडमरूमध्य में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री हयाशी योशिमासा ने नोम पेन्ह में दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के संघ (आसियान) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर मुलाकात करने के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।

बयान में कहा गया है, ‘‘विदेश मंत्रियों ने ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव कम करने के महत्व को लेकर आसियान के बयान की सराहना की।’’ विदेश मंत्रियों ने कूटनीति की आवश्यकता पर जोर देते हुए बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास करने सहित ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ (पीआरसी) की उन हालिया कार्रवाइयों पर चिंता व्यक्त की, जो अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।

संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘‘उन्होंने पीआरसी द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किए जाने की निंदा की। जापान सरकार ने बताया है कि इनमें से पांच मिसाइल उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिरीं। इन प्रक्षेपणों से तनाव बढ़ा है और क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हुई है। विदेश मंत्रियों ने पीआरसी से सैन्य अभ्यासों पर तत्काल रोक लगाने का आग्रह किया।’’ विदेश मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि जहां ‘एक चीन नीति’ लागू है, उसके संबंध में और ताइवान को लेकर ऑस्ट्रेलिया, जापान या अमेरिका के मूल रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।

ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका ने स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए त्रिपक्षीय साझेदारी को गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई। चीन ने इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद यह कहते हुए सैन्य अभ्यास शुरू किया था कि उनकी यात्रा ने ‘एक चीन नीति’ का उल्लंघन किया है। गौरतलब है कि ताइवान पर चीन अपना दावा जताता है और उसने धमकी दी है कि जरूरत पड़ने पर वह बलपूर्वक इस द्वीप को अपने कब्जे में ले लेगा।

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