बाराबंकी: चल रहा था बिजली का बिल शून्य कराने का कारोबार, चार आरोपी गिरफ्तार
बाराबंकी। पुलिस के साइबर सेल ने सोमवार को एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया। जो बिजली का बिल शून्य कराने के नाम पर ठगी कर रहा था। गिरोह के सदस्य बाकायदा धमका कर लोगों से वसूली कर रहे थे। इस खुलासे से बिजली विभाग भी आवाक रह गया है। पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने बताया …
बाराबंकी। पुलिस के साइबर सेल ने सोमवार को एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया। जो बिजली का बिल शून्य कराने के नाम पर ठगी कर रहा था। गिरोह के सदस्य बाकायदा धमका कर लोगों से वसूली कर रहे थे। इस खुलासे से बिजली विभाग भी आवाक रह गया है।
पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने बताया कि साइबर सेल बाराबंकी व थाना कोठी पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले में अब्दुल हसन उर्फ मुन्ना पुत्र जौहर निवासी हमिरापुर थाना मलिहाबाद जनपद लखनऊ, पंकज उर्फ गाजी उर्फ राकी पुत्र स्व अफसर हुसैन निवासी मधेयगंज खदरा थाना हसनगंज जनपद लखनऊ, गुफरान उर्फ जुल्फिकार पुत्र शाहिद अली निवासी सिकरोरी थाना काकोरी जनपद लखनऊ तथा रिंकू पंडित उर्फ अमित शुक्ला पुत्र स्व राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला निवासी गढ़ी पीरखाँ ठाकुरगंज थाना ठाकुरगंज जनपद लखनऊ को गिरफ्तार किया।
इनके पास से मोबाइल, मोटरसाइकिल व कार बरामद की गई है। इस मामले की शिकायत लवलेश कुमार वर्मा पुत्र अवधराम वर्मा निवासी बड़ा लालपुर थाना कोठी जनपद बाराबंकी ने थाना कोठी पर की थी जिसमें अब्दुल हसन निवासी हमीदापुर थाना मलिहाबाद जनपद लखनऊ व उनके साथियों द्वारा बिजली का बिल कम करने के नाम पर ठगी करने व धमकी देने के सम्बन्ध में आरोप लगाए गए थे। सूचना के आधार पर थाना कोठी पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत बनाम अब्दुल हसन आदि 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस को अभी भी इस मामले में तीन अन्य लोगों की तलाश है।
इस तरह करते थे ठगी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूछताछ करने पर पता चला कि अभियुक्त अब्दुल हसन उर्फ मुन्ना द्वारा लोगों से सम्पर्क कर बिजली बिल शून्य कराने का प्रलोभन दिया जाता था । तत्पश्चात अभियुक्तगण के झांसे में आये बिजली उपभोक्ता से अब्दुल हसन द्वारा बिजली बिल रसीद लेकर अपने साथी पंकज उर्फ गाजी को भेज दिया जाता था। अभियुक्त पंकज उर्फ गाजी द्वारा बिल रसीद को बिजली विभाग के काउण्टर पर जाकर अंकित धनराशि के साथ फर्जी चेक लगाकर जमा किया जाता था।
अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि चेक से बिजली बिल जमा करने पर बैंक द्वारा चेक क्लीयर होने से पहले ही बिजली विभाग द्वारा बिल शून्य वाली रसीद मिल जाती है, इसका फायदा उठाकर ही सब फर्जीवाड़ा किया गया । इसके बाद आरोपी बिजली उपभोक्ता से सम्पर्क कर बिजली बिल शून्य होने पर अलग-अलग खाताधारकों के बैंक खातों में रूपया ट्रांसफर करा लेते थे।
खाताधारकों द्वारा धनराशि का 10 प्रतिशत लेकर शेष धनराशि पंकज उर्फ गाजी को दे दी जाती थी। अभियुक्तगण द्वारा अभी तक लगभग 60 बिलों (धनराशि लगभग 30 लाख रुपये) को शून्य करा कर कमीशन के रूप में लगभग 07-08 लाख रुपये अर्जित कर चुके थे। इस सम्बन्ध में पुलिस विभाग द्वारा बिजली विभाग से सम्पर्क कर जानकारी ली जा रही है।
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