कानपुर : आतंकियों ने इंटरनेट मीडिया को बनाया हथियार
कानपुर, अमृत विचार। इंटरनेट मीडिया देश के अंदर और विदेश में बैठे आतंकियों का सबसे बड़ा हथियार बन गया है। इसमें वर्चुअल नंबर और फर्जी अकाउंट के सहारे न सिर्फ बातें की जा सकती हैं, बल्कि किसी को भी बरगलाना आसान है। समाज के दुश्मन संचार तंत्र व तकनीक का इस्तेमाल कर नफरत और वैमनस्य …
कानपुर, अमृत विचार। इंटरनेट मीडिया देश के अंदर और विदेश में बैठे आतंकियों का सबसे बड़ा हथियार बन गया है। इसमें वर्चुअल नंबर और फर्जी अकाउंट के सहारे न सिर्फ बातें की जा सकती हैं, बल्कि किसी को भी बरगलाना आसान है। समाज के दुश्मन संचार तंत्र व तकनीक का इस्तेमाल कर नफरत और वैमनस्य की भावना को भड़का रहे हैं।
यह जानकारी एटीएस की टीम को सहारनपुर से गिरफ्तार नदीम और फतेहपुर से पकड़े गए हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला से हुई है। दोनों ने इंटरनेट मीडिया पर फर्जी अकाउंट नंबर तैयार कर रखे थे। इन नंबरों के सहारे ही जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों से लगातार बातचीत होती थी। सैफुल्ला के मोबाइल में कई वॉट्स एप नंबर और ग्रुप भी मिले हैं, लेकिन उनको जल्दी ट्रेस करना संभव नहीं है।
यह अकाउंट वर्चुअल नंबर के सहारे तैयार किए गए हैं, जिनका रिकार्ड आसानी से नहीं मिलता है। एटीएस सूत्रों के मुताबिक आरोपित टेलीग्राम, वॉट्सएप, मैसेंजर समेत अन्य माध्यमों से वीडियो और ऑडियो मैसेज भेजा करते थे।
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