कानपुर हिंसा : धार्मिक वैमनस्यता फैलाने वाले चार लोगों पर चलेगा मुकदमा
कानपुर, अमृत विचार। तीन जून को कानपुर में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दिन नई सड़क पर हुए उपद्रव के मामले में अब चार और आरोपियों के विरुद्ध धार्मिक वैमन्यस्यता के आरोप में मुकदमा चलेगा। इस मामले में अभियोजन की स्वीकृति के लिए एसआइटी ने शासन से अनुमति मांगी …
कानपुर, अमृत विचार। तीन जून को कानपुर में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दिन नई सड़क पर हुए उपद्रव के मामले में अब चार और आरोपियों के विरुद्ध धार्मिक वैमन्यस्यता के आरोप में मुकदमा चलेगा। इस मामले में अभियोजन की स्वीकृति के लिए एसआइटी ने शासन से अनुमति मांगी है।
भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा की टिप्पणी के विरोध में नई सड़क , दादा मियां का हाता और पेंचबाग में तीन जून को खूब हंगामा हुआ था। पथराव और तोड़फोन भी खूब हुई थी। उपद्रवी ठेले पर पत्थर लेकर आए थे। इस हिंसा में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। मामले में मौलाना मोहम्मद अली जौहर फैंस एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हयात जफर हाशमी को जिम्मेदार मानते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मामले में 62 आरोपी गिफ्तार किए गए थे। पुलिस की जांच में बाद में छह को निर्दोष माना गया था। निर्दोष घोषित किए गए लोगों को रिहा कर दिया गया था।
पुलिस ने हयात जफर के साथी बाबा मुख्तार और मोहम्मद वसी को भी गिरफ्तार किया था। उनके साथ जावेद अहमद, मोहम्मद राहिल, मोहम्मद सूफियान की गिरफ्तारी भी हुई थी। इस मामले में अब चार आरोपियों के विरुद्ध खिलाफ 153-ए के तहत धार्मिक वैमनस्यता के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में अब चार्जशीट से पहले शासन से अनुमति ली जानी है। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार के मुताबिक शासन को पत्र भेज दिया गया है।
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