बिजनौर: हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर पर सीएचओ ढूंढेंगे टीबी रोगी, शासन ने 8700 मरीज खोजने का दिया लक्ष्य
बिजनौर,अमृत विचार। टीबी की बीमारी को 2025 तक खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शासन की ओर से एक बार फिर दिशा निर्देश जारी कर हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर पर सीएचओ स्तर से टीबी के मरीजों की पहचान करने के लिए कहा गया …
बिजनौर,अमृत विचार। टीबी की बीमारी को 2025 तक खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शासन की ओर से एक बार फिर दिशा निर्देश जारी कर हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर पर सीएचओ स्तर से टीबी के मरीजों की पहचान करने के लिए कहा गया है, इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग भी दे दी गयी है।
जिले के 137 सीएचओ अब हर माह टीबी के मरीज को खोजकर उनका इलाज करवाना सुनिश्चित करेंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बीएस रावत ने बताया कि वर्ष 2025 तक देश से टीबी की बीमारी समाप्त करने के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
प्रदेश में टीबी के मरीज के जल्द चिह्नित होने के लिए हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ को ट्रेनिंग दी गयी है। अब यह मरीज को ढूंढ कर जांच के लिए नजदीकी पीएचसी लैब में भेजेंगे। पीएचसी स्तर पर ही रिपोर्ट मरीज को मिल जाएगी। सीएचओ मरीज में टीबी की पुष्टि होने पर उसकी रिपोर्ट बनाकर विभाग को देंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि शासन की ओर से इस साल 8700 टीबी मरीज खोजने का लक्ष्य विभाग को दिया है। इसमें से 5812 को विभाग पहचान कर चुका है, जो कि इलाज पर है। इस तरह 72 फीसदी लक्ष्य को विभाग हासिल कर चुका है। क्षय रोगियों को खोजकर लगातार फालोअप कर उसे ठीक करने का प्रयास विभाग की ओर से लगातार किया जा रहा है।
यह हैं टीबी के लक्षण
खांसी, बुखार होना, पसीना आना, सांस लेने में तकलीफ महसूस होना, वजन घटना, थकावट होना आदि टीबी के लक्षण हैं। अगर आपको खुद में ऐसे लक्षण महसूस हों तो चिकित्सक परामर्श के बाद एक बार टीबी की जांच जरूर करा लें।
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