अयोध्या: अवैध कब्जे की तहसील दिवस पर दी शिकायत, कर्मियों ने कर दी लीपापोती
अयोध्या। बीकापुर तहसील के पछियाना ग्राम सभा में एक ग्रामीण द्वारा चक मार्ग पर कब्जा कर अवैध निर्माण करने की शिकायत ग्रामीणों ने तहसील समाधान दिवस पर किया, लेकिन तहसीलदार कानूनगो और लेखपाल की मिलीभगत के चलते अवैध कब्जे को हटवाने के बजाए मामले को मुकदमे की प्रक्रिया में डाल दिया गया, जिससे कई वर्षों …
अयोध्या। बीकापुर तहसील के पछियाना ग्राम सभा में एक ग्रामीण द्वारा चक मार्ग पर कब्जा कर अवैध निर्माण करने की शिकायत ग्रामीणों ने तहसील समाधान दिवस पर किया, लेकिन तहसीलदार कानूनगो और लेखपाल की मिलीभगत के चलते अवैध कब्जे को हटवाने के बजाए मामले को मुकदमे की प्रक्रिया में डाल दिया गया, जिससे कई वर्षों तक मामला अटका रहे। साथ ही बिना मौका मुआयना के ही तहसील दिवस की रिपोर्ट में मामले को निस्तारित भी दिखा दिया।
योगी सरकार का खुला आदेश है कि सरकारी भूमि से तत्काल अवैध कब्जा खाली कराकर न्याय उचित कार्रवाई की जाए। कार्रवाई नहीं होगी तो शिकायतकर्ता सीएम से भी मिलेंगे।
बीकापुर तहसील अंतर्गत थाना क्षेत्र हैदरगंज के पछियाना गांव के मजरे झलियहवा निवासी जलक मिश्र ने 16 जुलाई को तहसील दिवस पर नये पुरवा गांव निवासी सुरेंद्र वर्मा द्वारा चकमार्ग गाटा संख्या 594 व 596 चक मार्ग पर पोल्ट्री फार्म बना कर अस्थाई रूप से अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत की, लेकिन तहसीलदार बीकापुर राजेश कुमार वर्मा के दबाव के चलते लेखपाल ने बिना पैमाइश व अवैध कब्जा हटाए ही मामले का निस्तारण कर दिया।

जब जलज मिश्र को इस बात की जानकारी हुई तो उसने पुनः इस मामले की शिकायत 6 अगस्त को तहसील दिवस में की। इसके उपरांत तहसील अमले में हड़कंप मच गया। इसके बाद लेखपाल कृपा शंकर मिश्रा ने सुरेंद्र वर्मा द्वारा चक मार्ग पर पोल्ट्री फार्म की दीवार बना कर अवैध कब्जा किए जाने का मुकदमा दर्ज करा कर पेशी की तारीख 22 सितंबर की दिखा दी, जबकि पोल्ट्री फार्म ही चक मार्ग पर बनाया गया है।

तहसीलदार की मिलीभगत के चलते कार्रवाई करते हुए पैमाइश कर अवैध कब्जा हटाए जाने की हिमाकत तहसील कर्मी नहीं कर पाया। इसी तरह जाना निवासी ने 5 अगस्त को कुलदीप वर्मा और 6 अगस्त को पछियाना गांव निवासी जितेंद्र सिंह ने भी सुरेंद्र वर्मा द्वारा खलिहान गाटा संख्या 761 पर कब्जा किए जाने की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस पर की थी, लेकिन इसके बावजूद भी खलिहान की भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने के बजाए लेखपाल मामले में लीपापोती में लगे हुए हैं।
वहीं शिकायतकर्ताओं ने इस संबंध में बताया कि तहसीलदार अवैध कब्जेदारो पर मेहरबान है। इसकी शिकायत जिले के आला अधिकारियों से भी की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है, जिसको लेकर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में पेश होकर अवैध कब्जेदार पर एंटी भू माफिया के तहत कार्रवाई कराए जाने की मांग की जाएगी।
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