मथुरा: बांके बिहारी मंदिर हादसे की जांच करेंगे पूर्व डीजीपी और अलीगढ़ मंडलायुक्त
मथुरा, अमृत विचार। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरन भीड़ में दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने हादसे की जांच के लिए पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में समिति …
मथुरा, अमृत विचार। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरन भीड़ में दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने हादसे की जांच के लिए पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में समिति गठित की है। समिति में मंडलायुक्त अलीगढ़ गौरव दयाल को सदस्य के रूप में नियुक्त किया है। दोनों अधिकारी 15 दिन के अंदर बांके बिहारी मंदिर में हुए हादसे की रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
समिति को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वह यह भी देखें कि किन परिस्थितियों के चलते हादसा हुआ, इस तरह के हादसे की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए भी सुझाव प्रस्तुत करें। इधर, हादसे के बाद जिला प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। हादसे की घटना ने तूल पकड़ा तो मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं के सैलाब के आंकलन में लापरवाही बरतने वाला प्रशासन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है।
रविवार को जिलाधिकारी नवनीत चहल व एसएसपी अभिषेक यादव भी सरकारी अमले के साथ वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर प्रबंधन, गोस्वामी समाज के साथ व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की। पूरे दिन जिलाधिकारी और एसएसपी के नेतृत्व में सरकारी मशीनरी मंदिर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटी रही। इसके बाद मंदिर के आसपास की गलियों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद डीएम नवनीत सिंह चहल ने बताया कि आगामी दिनों में नई व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। ताकि इस तरह के हादसे का पुनरावृत्ति न हो। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व व्यवस्थाओं को लेकर वृहद स्तरपर बैठक की गई थी। बैठक में व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की गई, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ और मंदिर परिसर का हाल छोटा होने के कारण हादसा हो गया।
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