बिजनौर : महिला अस्पताल में प्रसव सुविधा फिर से चालू कराने को लेकर भाजपाइयों ने खोला मोर्चा
नजीबाबाद/बिजनौर,अमृत विचार। राजकीय महिला चिकित्सालय में डिलीवरी का कार्य बंद होने से नाराज भाजपाइयों ने अस्पताल पहुंचकर अस्पताल में डिलीवरी का कार्य दोबारा से शुरू कराए जाने की मांग की। सीएमओ ने पहले की तरह चार दिन के भीतर डिलीवरी का कार्य शुरू कराए जाने का आश्वासन दिया है। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद अस्पताल …
नजीबाबाद/बिजनौर,अमृत विचार। राजकीय महिला चिकित्सालय में डिलीवरी का कार्य बंद होने से नाराज भाजपाइयों ने अस्पताल पहुंचकर अस्पताल में डिलीवरी का कार्य दोबारा से शुरू कराए जाने की मांग की। सीएमओ ने पहले की तरह चार दिन के भीतर डिलीवरी का कार्य शुरू कराए जाने का आश्वासन दिया है।
जच्चा-बच्चा की मौत के बाद अस्पताल में हुआ था हंगामा
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पूर्व महिला चिकित्सालय में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद हंगामा हो गया था। जिसके बाद महिला चिकित्सालय से डिलीवरी का कार्य समीपुर अस्पताल मे ट्रांसफर कर दिया गया था। महिला चिकित्सालय में डिलीवरी का कार्य ना होने से काफ़ी परेशानी हो रही थी।
भाजपाईयों ने की मांग
सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह, मोनिका अग्रवाल, विक्रांत चौधरी, संदीप तायल आदि के साथ महिला चिकित्सालय पहुंचकर मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च अधिकारियों से अस्पताल में डिलीवरी का कार्य शुरू कराए जाने की मांग की। भाजपा नेताओं का कहना था कि समीपुर अस्पताल नजीबाबाद से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है। डिलीवरी का कार्य समीपुर अस्पताल जाने से आमजन को काफी परेशानी हो रही है। जनाना अस्पताल में रात्रि में जनरेटर की व्यवस्था नहीं है जिसके चलते भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीएमओ ने दिया आश्वासन
तहसीलदार प्रीति सिंह एवम प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जुबेर अहमद ने सीएमओ से बात करने के बाद बताया कि महिला चिकित्सालय में चार दिन के भीतर डिलीवरी का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस अवसर पर मनोज शर्मा, बलराज त्यागी, नवीन कुमार, दीपक कर्णवाल, बिट्टू भटनागर, इंदु राजपूत, सुविधा भटनागर, सुरभि चौधरी, छाया देवी, मनीषा राजपूत, रमोनी राजपूत, कविता, नामदेव आदि मौजूद रहे।
बंद होने से प्राइवेट अस्पताल संचालक परेशान
जनाना अस्पताल में डिलीवरी का काम बंद होने से आसपास के मेडिकल स्टोर और प्राइवेट हॉस्पिटल संचालक परेशान नजर आ रहे हैं। सूत्रों की माने तो जनाना अस्पताल में आने वाली डिलीवरी को ऑपरेशन के नाम पर प्राइवेट अस्पताल भेज दिया जाता था जहां पर मरीजों से मनमानी कीमत वसूल कर मरीज भेजने वाले को कमीशन दिया जाता था। जनाना अस्पताल में डिलीवरी का कार्य बंद हो जाने से सबसे अधिक परेशानी मेडिकल स्टोर और प्राइवेट अस्पताल संचालकों को हो रही है।
पीएचसी में बढ़ी डिलीवरी की संख्या
जनाना अस्पताल में डिलीवरी का कार्य बंद हो जाने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित जच्चा- बच्चा केंद्र पर डिलीवरी की तादाद अचानक बढ़ गई है। पहले जहां एक माह में महज 7 से 8 डिलीवरी होती थी तो वहीं दूसरी तरफ एक सप्ताह में ही 35 से अधिक प्रसव हो गए है।
यह भी पढ़ें:-बिजनौर में कल ईको पार्क का लोकार्पण करेंगे रेल मंत्री, तैयारियों में जुटे अधिकारी
