अयोध्या: जिले के 94 विभागों में अटकी पड़ी है 655 शिकायतें
अयोध्या। जिले में शिकायतों के निस्तारण की प्रणाली बेपटरी हो गई है। जिलाधिकारी से लेकर अन्य अधिकारी जनसुनवाई तो कर रहे हैं लेकिन उसके सार्थक परिणाम कम ही आ रहे हैं। आलम यह है कि जनता की छोटी-छोटी शिकायतें बड़ा रूप धारण कर रही हैं और निष्क्रियता के चलते विवाद तेजी से सामने आ रहे …
अयोध्या। जिले में शिकायतों के निस्तारण की प्रणाली बेपटरी हो गई है। जिलाधिकारी से लेकर अन्य अधिकारी जनसुनवाई तो कर रहे हैं लेकिन उसके सार्थक परिणाम कम ही आ रहे हैं। आलम यह है कि जनता की छोटी-छोटी शिकायतें बड़ा रूप धारण कर रही हैं और निष्क्रियता के चलते विवाद तेजी से सामने आ रहे हैं।
यह हाल है जब तहसील दिवस से लेकर थाना समाधान दिवस और अब ब्लाक दिवस तक संचालित है। शासन की जन शिकायतों की समीक्षा भी इस बात की तस्दीक कर रही है कि जिले में जिम्मेदार जनता की शिकायतों के अनुश्रवण और निस्तारण में ध्यान नहीं दे रहे हैं। शासन की समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि जिले की तहसील मिल्कीपुर शिकायतों के निस्तारण में सबसे खराब तहसीलों में शामिल है।
बता दें कि आईजीआरएस प्रणाली पर शिकायतों के निस्तारण में जिला जहां कुछ माह पहले ही टॉप टेन में बना रहता था वहीं अब खिसक कर 41 में नंबर पर पहुंच गया है। प्रतिदिन होने वाली जनसुनवाई में ज्यादातर चेहरे पुराने ही नजर आते हैं। अधिकारी मातहतों को शिकायतों के निस्तारण के लिए निर्देशित तो कर देते हैं लेकिन उनके द्वारा रुचि नहीं ली जा रही है। गत 18 अगस्त को जारी हुई शासन की रिपोर्ट की मानें तो जिले के 94 विभागों में 655 शिकायतें लंबित हैं।
इनमें अकेले 216 शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी हुई हैं। मिल्कीपुर तहसील में 43 , बीकापुर में 42 और रूदौली में 37 शिकायतों का निराकरण नहीं किया गया है। यहीं की राजस्व की 19 शिकायतें निस्तारित नहीं की गईं हैं। इसी प्रकार सोहावल में 23 शिकायते डम्प पड़ी है। इसके अलावा सदर तहसील 52 से अधिक शिकायतें लंबित हैं। इसी तरह पुलिस विभाग से जुड़ी 41 शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका है।
विकास विभाग में मुख्य विकास अधिकारी के यहां ही 38 शिकायतें लंबित हैं। यह तो वह रिपोर्ट है जो शासन की ओर से जारी की गई है। वर्ना माना जाए तो सैकड़ों शिकायतें तो ले ली गई लेकिन उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया जाता है कि थानों और तहसील दिवस में ली जाने वाली अधिकतर शिकायतों को तो कूड़े के ढेर में फेंक दिया जाता है। यही वजह है कि सभी दिवसों और जनता दर्शन तक में फरियादी उमड़ रहे हैं।
कोट – शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट शासन से मिली है। सभी विभागों को शीघ्र निस्तारण के लिए निर्देश दिया गया है। जो भी लापरवाही बरतेगा उसके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। – अनीता यादव, मुख्य विकास अधिकारी, अयोध्या
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