राज्य में विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं से अलग पहचान मिली: जयराम ठाकुर

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शिमला। हिमाचल के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य को विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन अलग पहचान मिली है और विभिन्न क्षेत्रों में इसकी उपलब्धियों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। ठाकुर ने आज यहां अर्की विधानसभा क्षेत्र के कुनिहार के हाटकोट में जनसभा को संबोधित करते …

शिमला। हिमाचल के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य को विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन अलग पहचान मिली है और विभिन्न क्षेत्रों में इसकी उपलब्धियों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। ठाकुर ने आज यहां अर्की विधानसभा क्षेत्र के कुनिहार के हाटकोट में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक हिमाचली के लिए यह गौरव की बात है कि यह खूबसूरत प्रदेश अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोलन जिला की अर्की विधानसभा क्षेत्र के लिए 54 करोड़ रुपये की 21 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के कई नेता प्रदेश के गौरवशाली सफर और उपलब्धियों को एक उत्सव के रूप में मनाने का विरोध कर रहे हैं। इससे उनकी हताशा साफ झलक रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हिमाचली को राज्य की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करना चाहिए और युवा पीढ़ी को भी इनसे अवगत कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस एक नेतृत्वविहीन और दिशाहीन पार्टी है, जो आपसी प्रतिस्पर्धा में ही उलझी हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों में विश्वास जताकर आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा सरकार का मिशन रिपीट सुनिश्चित करेगी ताकि प्रदेश में विकास की गति निर्बाध रूप से चलती रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इन वर्षों के दौरान हिमाचल ने अभूतपूर्व विकास किया है। इसका श्रेय राज्य के सक्षम नेतृत्व के साथ-साथ प्रदेश के मेहनती और ईमानदार लोगों को भी जाता है।

उन्होंने कहा कि स्थापना के बाद हिमाचल प्रदेश के आकार में ही वृद्धि नहीं हुई है, बल्कि इस पहाड़ी राज्य ने सभी क्षेत्रों में तीव्र विकास किया है। उन्होंने कहा कि गठन के समय राज्य की साक्षरता दर केवल 4.8 प्रतिशत थी, जबकि आज यह 83 प्रतिशत से अधिक हो गई है। प्रदेश में शिक्षण संस्थानों की संख्या 301 से बढ़कर 16,124 से भी पार हो गई है। वर्ष 1948 में सड़कों की लंबाई केवल 228 किलोमीटर थी और आज यह बढ़कर 39,500 किलोमीटर हो गई है। इनमें 20,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के माध्यम से किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली सफर को प्रदेश सरकार शानदार ढंग से मना रही है तथा राज्य भर में 75 कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश की गौरवशाली विकास यात्रा और उपलब्धियों को प्रदर्शित करना है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इन आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेने और राज्य के इस शानदार सफर का हिस्सा बनने का आग्रह किया। सोलन जिले की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1972 में गठन के समय जिले में सिर्फ 476 स्कूल थे, जबकि आज यहां 1108 से ज्यादा शिक्षण संस्थान हैं।

उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र के पिछले दौरे के दौरान उन्होंने 14 नई परियोजनाओं की घोषणा की थी, जिनमें से 13 को पूर्ण कर क्षेत्र के लोगों को समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने हिमाचली टोपी और टोपी के रंग का भी राजनीतिकरण कर दिया था। उस समय प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति अपने चरम पर थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने के लिए 1300 करोड़ रुपये से अधिक व्यय कर रही है, जबकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान 400 करोड़ रुपये व्यय किए गए थे। राज्य सरकार क्षेत्र की विकासात्मक मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी ताकि इनसे लोग लाभान्वित हो सकें।

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