संभल: न्याय न मिलने पर नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने की आत्महत्या
संभल/ कुढ़फतेहगढ़, अमृत विचार। दुष्कर्म के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़िता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस को पीड़िता के परिजनों के विरोध का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस ने गांव के अन्य लोगों की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की मां ने आरोपियों …
संभल/ कुढ़फतेहगढ़, अमृत विचार। दुष्कर्म के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़िता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस को पीड़िता के परिजनों के विरोध का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस ने गांव के अन्य लोगों की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की मां ने आरोपियों और पुलिस पर जबरन समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। थाना प्रभारी ने चारों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक और मुकदमा दर्ज कर लिया।

कुढ़फतेहगढ़ के एक गांव में करीब 25 साल पहले ओडिशा (उड़ीसा) का दंपति आकर बसा था। महिला के पति का कुछ साल पहले देहांत हो गया था। महिला अपने चार बच्चों के साथ गांव में ही रहती है। आरोप है कि जून में महिला की 14 वर्षीय बेटी के साथ चार लोगों ने दुष्कर्म किया। पीड़िता ने कुछ दिन बाद आपबीती अपनी मां को बताई, जिस पर मां ने कुढ़फतेहगढ़ थाने में चारों के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने सात जुलाई को एक आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पर उसके बाद बाकी आरोपी पुलिस की मदद से जबरन समझौते का दबाव बना रहे थे।

इस दौरान पुलिस ने पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराए तो उसने तीन आरोपियों के नाम और बताए। जिस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया, लेकिन पुलिस ने आरोपियों की तरफ से फैसले का दबाव बनाना नहीं छोड़ा जिससे तंग आकार बुधवार को किशोरी ने फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक की मां रीना देवी ने बताया कि करीब दो माह पहले उसकी बेटी घर पर अकेली सो रही थी। चारों आरोपियों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया था। इसके बाद बेटी को किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी देते हुए वहीं छोड़कर भाग गए थे। करीब एक माह बाद डरते डरते बेटी ने सारी बात बताई।
मां बेटी को साथ लेकर थाना पहुंची। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही थी और लगातार फैसला करने का दबाव बना रही थी। पीड़िता की मां का कहना है कि उसने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीओ, एसपी, डीआईजी को शिकायती पत्र दिए। पीड़िता ने बताया कि मंगलवार को सादी वर्दी में पुलिस घर पर आई थी और बेटी को बुरा भला कहकर फैसला करने का दबाव बना रही थी, जिसकी वजह से बुधवार को बेटी ने फांसी के फंदा पर लटककर आत्महत्या कर ली।
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