बरेली: स्वास्थ्य मंत्री की फटकार से बचने को कराई सफाई, मिलीं एक्सपायर दवाएं
बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल में आए दिन मरीजों को दवा के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। वहीं अधिकांश बीमारियों की दवाएं तक मौजूद नहीं होती हैं। शुक्रवार को विभाग में चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ। दरअसल, आगामी 29 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक का संभावित दौरा है, इसको लेकर सीएमओ कार्यालय में …
बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल में आए दिन मरीजों को दवा के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। वहीं अधिकांश बीमारियों की दवाएं तक मौजूद नहीं होती हैं। शुक्रवार को विभाग में चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ। दरअसल, आगामी 29 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक का संभावित दौरा है, इसको लेकर सीएमओ कार्यालय में जर्जर भवनों की मरम्मत और सफाई कराई जा रही है। जैसे ही कर्मचारियों ने आईडीएसपी यूनिट के बाहर बने तीन पुराने कमरों के ताले खोले तो इसमें बड़ी मात्रा में दवाओं से भरी पेटियां बंद थीं। हैरत की बात तो यह रही कि दवाएं एक साल पहले ही एक्सपायर हो चुकी थीं। मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में खलबली मच गई है।
विटामिन डी और फोलिक एसिड समेत मिली अन्य दवाएं
स्वास्थ्य मंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने गुरुवार को कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान आईडीएसपी यूनिट के बगल में बंद कमरों में कबाड़ रखा मिला था। सीएमओ ने कबाड़ हटाकर सफाई का निर्देश दिया था। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम कमरों की सफाई करने पहुंची।
दरवाजे का ताला खुला तो अंदर कबाड़ के साथ ही हजारों रुपये की एक्सपायर दवाओं का जखीरा देख पैरों तले जमीन खिसक गई। इसमें फोलिक एसिड, विटामिन डी, ओआरएस घोल समेत बुखार की दवाई थी तत्काल कर्मचारियों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी।
सीएमओ बोले- किसने रखीं दवाएं, होगी जांच
दवाओं का जखीरा मिलने के बाद कर्मचारियों ने इसकी सूचना सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह को दी तो उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि दवाएं सीएचसी पर न भिजवाकर कबाड़ में डाल दी गईं यह गंभीर है। मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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