यूक्रेन से लौटे 207 मेडिकल छात्रों ने की समायोजन की मांग, SC ने छत्तीसगढ़ सरकार से मांगा जवाब
कोरबा। युद्ध की वजह से यूक्रेन से वापस लौटे मेडिकल के छात्रों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन सुनवाई की। इस दौरान छत्तीसगढ़ यूक्रेन मेडिकल पेरेंटस एंड स्टूडेंट एसोसिएशन के सदस्य भी जुड़े। सुप्रीम कोर्ट ने सकारात्मक पहल करते हुए शासन से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई के लिए पांच सितंबर की तिथि निर्धारित …
कोरबा। युद्ध की वजह से यूक्रेन से वापस लौटे मेडिकल के छात्रों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन सुनवाई की। इस दौरान छत्तीसगढ़ यूक्रेन मेडिकल पेरेंटस एंड स्टूडेंट एसोसिएशन के सदस्य भी जुड़े। सुप्रीम कोर्ट ने सकारात्मक पहल करते हुए शासन से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई के लिए पांच सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है।
कोरबा की रहने वाली रिया पुरोहित और रायपुर की सुप्रिया ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में याचिका दाखिल की है। इसे मंजूर करते हुए बेंच ने सुनवाई शुरू कर दी है। एसोसिएशन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिका दायर करने वाली रिया पुरोहित के पिता सुनील पुरोहित भी ऑनलाइन सुनवाई में जुड़े। सुनील ने बताया कि हमारे मामले को कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। सुनवाई बेहद सकारात्मक रही।
सुप्रीम कोर्ट ने गवर्नमेंट आफ इंडिया व नेशनल मेडिकल कमिशन से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि बच्चों के भविष्य को लेकर हमें न्याय मिलेगा। एसोसिएशन की मांग है कि छत्तीसगढ़ के 11 मेडिकल कालेज में प्रदेश भर में यूक्रेन से लौटे 207 विद्यार्थियों को समायोजित किया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
यूक्रेन से छत्तीसगढ़ लौटे 207 विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ यूक्रेन मेडिकल पेरेंटस एंड स्टूडेंटस एसोसिएशन बना कर रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का भी दरवाजा खटखटा चुके हैं। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा मनसुख मंडविया व प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर बच्चों के एमबीबीएस की अधूरी पढ़ाई पूरी कराने की मांग की है।
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