सजा ऐसी सुनाई मजा आ गया! कोर्ट ने कहा- एक महीने तक बच्चों को एक्स्ट्रा क्लास दो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष एक मामला आया, जिसमें एक सरकारी स्कूल के टीचर को दिल्ली एयरपोर्ट पर तलाशी के दौरान उसके पास से कारतूस मिली थी। टीचर पर आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था। टीचर के स्पष्टीकरण पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने प्राथमिकी को रद्द कर …
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष एक मामला आया, जिसमें एक सरकारी स्कूल के टीचर को दिल्ली एयरपोर्ट पर तलाशी के दौरान उसके पास से कारतूस मिली थी। टीचर पर आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था। टीचर के स्पष्टीकरण पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने प्राथमिकी को रद्द कर दिया, लेकिन एक अनोखी सजा दी कि बच्चों को एक महीने के लिए फ्री एक्स्ट्रा क्लास चलानी होंगी।
कोर्ट ने कहा कि मौजूदा केस रद्द किए जाने के लायक है, क्योंकि सिर्फ ध्यान ने देने की वजह से टीचर के बैग में लाइव कार्ट्रिज रह गया था, वे उसे जानबूझकर अपने साथ नहीं ले गए थे। हालांकि इस मामले में पुलिस का अहम वक्त बर्बाद हुआ इसलिए याचिकाकर्ता को समाज की भलाई के लिए कुछ काम करना चाहिए।
क्या है मामला ?
दिल्ली में एक सरकारी स्कूल का टीचर गलती से अपने साथ लाइव कार्ट्रिज लेकर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच गया। एयरपोर्ट प्रबंधन ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट 1959 के सेक्शन 25 के तहत इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पुलिस स्टेशन पर FIR दर्ज कराई गई। मामले की सुनवाई के दौरान जज ने टीचर का पक्ष जानने के बाद FIR को खारिज कर दिया, और उसे बच्चों को एक्स्ट्रा क्लास देने की सजा सुनाई।
दरअसल टीचर ने FIR को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान उसने कोर्ट को बताया था कि एयरपोर्ट पर उसके पास से जो कार्ट्रिज बरामद हुआ वह उसे 2008-09 में चमोली उत्तराखंड में सड़क पर पड़ा हुआ मिला था, जब वह स्कूल में पढ़ाई ही कर रहा था। तब से यह कार्ट्रिज उसके पास है और वह गलती से उसे एयरपोर्ट लेकर चला गया था।
एक महीने तक एक्स्ट्रा क्लास लेने की सजा सुनाई
टीचर का पक्ष जानने के बाद जस्टिस जसमीत सिंह ने टीचर को आदेश दिया कि वह अपने स्कूल में एक महीने तक कमजोर बच्चों को एक्स्ट्रा क्लास में पढ़ाएंगे। जस्टिस ने डायरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन को इस इलाके के प्राइमरी क्लास के कमजोर बच्चों की लिस्ट बनाने का निर्देश दिया है।
वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल को भी कहा गया है कि वे स्कूल में एक कमरे की व्यवस्था कराएं जहां पर रोजाना दो घंटे की एक्स्ट्रा क्लास लगाई जाएगी। इसमें सभी कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन किया जाना जरूरी होगा। जज ने कहा कि एजुकेशन ऑफिसर और प्रिंसिपल को इस बात को सुनिश्चित करना होगा कि आदेश का पालन हो रहा है।
ये भी पढ़ें : दिल्ली सरकार: केजरीवाल ने किया ‘शहीद भगत सिंह आर्म्ड फोर्सेज स्कूल’ का उद्घाटन
