गर्रा नदी कांड: 15 घंटे चला ऑपरेशन रेस्क्यू, गोताखोरों ने नदी से 8 शव किए बरामद

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हरदोई। 35 फिट नीचे गर्रा नदी में ट्रैक्टर-ट्राली के गिरने से हुए दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया।रात भर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के अलावा गोताखोरों की टीम लापता हुए किसानों को खोजने में जुटी रही। 15 घंटे तक चले आपरेशन रेस्क्यू के दौरान नदी से आठ शवों को बरामद किया गया है। आईजी …

हरदोई। 35 फिट नीचे गर्रा नदी में ट्रैक्टर-ट्राली के गिरने से हुए दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया।रात भर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के अलावा गोताखोरों की टीम लापता हुए किसानों को खोजने में जुटी रही। 15 घंटे तक चले आपरेशन रेस्क्यू के दौरान नदी से आठ शवों को बरामद किया गया है। आईजी लखनऊ जोन लक्ष्मी सिंह के अलावा डीएम अविनाश कुमार व एसपी राजेश द्विवेदी सारी रात नदी की तलहटी पर डटे रहे।

बताते चलें कि शनिवार की दोपहर किसानों को ले कर लौट रहा ट्रैक्टर जब गर्रा नदी के पाली पुल पर पहुंचा,तभी उसका अचानक अगला पहिया निकल गया। नतीजतन ट्रैक्टर -ट्राली 35 फिट नीचे गर्रा नदी में जा गिरे। उस पर सवार 13 किसानों ने किसी तरह तैर कर खुद को बचाया। बाकी लापता हो गए। जिन्हें खोजने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के अलावा गोताखोरों को लगाया गया।

इसका पता होते ही आईजी लखनऊ जोन लक्ष्मी सिंह मौके पर पहुंची। डीएम अविनाश कुमार व एसपी राजेश द्विवेदी वहीं पर डटे रहे। साथ ही सूबे की राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी मौके पर पहुंची। 15 घंटे तक चले आपरेशन रेस्क्यू के दौरान आठ शवों को बरामद किया गया।

जिन लोगों के शव बरामद हुए हैं उनमें ट्रैक्टर ड्राइवर 28 वर्षीय मुकेश सक्सेना पुत्र श्रीधर निवासी सवायजपुर थाना लोनार के अलावा पाली थाने के बेगराजपुर निवासी 22 वर्षीय अमित पुत्र अजयपाल,30 वर्षीय मुकेश पुत्र रामभरोसे, 22 वर्षीय मंझले उर्फ नरेंद्र पुत्र वेदराम,30 वर्षीय रिंकू पुत्र राधेश्याम व 20 वर्षीय रामकृपाल पुत्र रामकिशन,पाली थाने के ही दरियापुर निवासी 45 वर्षीय हरिशरण पुत्र मुनेश्वर और शाहाबाद कोतवाली के अर्तजीपुरवा निवासी 34 वर्षीय नरेन्द्र पुत्र गयादीन शामिल हैं।

मृतकों के परिजनों को दी जाएगी 5-5 लाख रुपए की मदद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्रा नदी में हुए हादसे में जान गंवाने वाले किसानों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की मदद देने का एलान किया है। डीएम अविनाश कुमार ने बताया है कि शासन से मंजूरी मिलते ही मदद दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

60 दिन पहले ही हुई थी अमित की शादी

बेगराजपुर का अमित शनिवार की सुबह अपने भाई देवेश के साथ खीरे ले कर उसे बेचने के लिए निकला था। अमित की दादी अहिल्या के मुताबिक अभी दो महीने पहले ही अमित की शादी हुई थी।घर की देखभाल उसी के ज़िम्मे थी। अमित के न रहने से उसका घर -बार तिनके की तरह बिखर गया है।

देर रात को निकाली जा सकी ट्राली

गर्रा नदी में गिरे ट्रैक्टर को हादसे के कुछ ही देर बाद निकाल लिया गया था। जबकि ट्राली घंटों खोजी जाती रही। देर रात को बचाव टीम ने नदी में गिरी ट्राली को भी बरामद कर उसे बाहर निकाला।

आसपास के गांव वाले भी डटे रहे
गर्रा नदी में चलाए जा रहे आपरेशन रेस्क्यू के दौरान वहां आसपास के गांव वाले भूखे-प्यासे नदी के आस-पास डटे रहे। प्रशासन ने वहां रोशनी की ज़बरदस्त व्यवस्था कराई थी। वहां रात में भी दिन के जैसा उजाला फैला हुआ था। इसके अलावा आस-पास के गांवों में रतजगा जैसा था। नींद हर किसी की आंखों से कोसों दूर भाग चुकी थी।

15 किमी दूर तक फैलाया गया था जाल

गर्रा नदी में चलाए गए आपरेशन रेस्क्यू के दौरान नदी के दोनों छोर पर 15-15 किलोमीटर की दूरी पर जाल फैलाया गया था।ताकि लापता हुए किसानों को आसानी से खोजा जा सके। इसके अलावा बचाव टीम लगातार मोटरबोट और नांव के सहारे पूरी नदी पर अपनी नज़रें गड़ाए हुए थी। कुछ गांव वाले भी आपरेशन रेस्क्यू में जुटी टीम की मदद करते हुए दिखाई दिए।

यह भी पढ़ें-गर्रा नदी कांड: आधा दर्जन शव बरामद, समाप्त हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

संबंधित समाचार