बरेली से 30 यात्रियों को लेकर रवाना हुई श्रमजीवी
बरेली,अमृत विचार। ट्रेनों के संचालन के दूसरे दिन दिल्ली से चलकर राजगीर को जाने वाले श्रमजीवी स्पेशल ट्रेन बरेली से 30 यात्रियों को लेकर रवाना हुई। इस ट्रेन से 31 लोगों को यात्रा करनी थी लेकिन जंक्शन पर केवल 30 लोग ही पहुंचे। यह ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर शाम 5 बजकर 41 मिनट पर …
बरेली,अमृत विचार। ट्रेनों के संचालन के दूसरे दिन दिल्ली से चलकर राजगीर को जाने वाले श्रमजीवी स्पेशल ट्रेन बरेली से 30 यात्रियों को लेकर रवाना हुई। इस ट्रेन से 31 लोगों को यात्रा करनी थी लेकिन जंक्शन पर केवल 30 लोग ही पहुंचे। यह ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर शाम 5 बजकर 41 मिनट पर पहुंची और 5 मिनट बाद ही रवाना हो गई। इससे पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और टिकट चेकिंग की प्रक्रिया को पूरा किया गया। लाकडाउन के बाद जंक्शन पर आज पहले बार फलों की ठेली घूमती दिखाई दी।
दोपहर चार बजे से ही जंक्शन पर लोगों की भीड़ उमड़ा शुरु हो गई थी। प्रवेश द्वार के बाहर सभी को लाइन बनाकर आने को कहा गया। इससे पहले प्रवेश द्वार पर लगे हैंड वॉश से हाथ धोने और सैनेटाइजर से सैनेटाइज करने के बाद ही थर्मल स्क्रीनिंग की अनुमति मिली। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद यात्रियों को प्लेटफार्म पर भेजा गया। जहां बैठी टीम ने उनके कंफर्म टिकट, फोन में आरोग्य सेतू एप और सैनेटाइजर होने की पुष्टि के बाद ही प्लेटफार्म ट्रेन के इंतजार की अनुमति दी। जिनके पास सैनेटाइजर नहीं था उन्हें तत्काल बाजार भेजकर सैनेटाइजर खरीदवाया गया। और ट्रेन आने के बाद उसमें बैठाया गया।
श्रमजीवी में ट्रेन की जमीन पर बैठकर की यात्रा
मंगलवार को पहुंची श्रमजीवी स्पेशल ट्रेन में दिल्ली से आ रहे कुछ यात्रियों को ट्रेन की जमीन पर बैठकर यात्रा करनी पड़ी। आरोप था कि उनके पास वेटिंग का टिकट है इस वजह से उन्हें ट्रेन में सीट मुहैया नहीं कराई गई। जबकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि किसी भी वेटिंग टिकट वाले यात्री को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाती है। ऐसे में दिल्ली के रेलवे प्रशासन पर सवाल खड़ा हो गया है। कि उन्होंने वेटिंग टिकट के साथ यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति कैसे दी। यह एक जांच का विषय बन चुका है।
