यूपीसीडा भर्ती घोटाला: कानपुर विजिलेंस करेगी यूपीसीडा भर्ती घोटाले की जांच, पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा थे अध्यक्ष

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कानपुर, अमृत विचार। उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में 2008 से 2009 के बीच हुए भर्ती घोटाले की जांच कानपुर विजिलेंस को सौंपी गई है। इस घोटाले में तत्कालीन सरकार के कई मंत्रियों और विधायकों के रिश्तेदारों को नियुक्तियां दी गई थीं। फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर भी कई आवेदनकर्ता नौकरियां पाने में …

कानपुर, अमृत विचार। उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में 2008 से 2009 के बीच हुए भर्ती घोटाले की जांच कानपुर विजिलेंस को सौंपी गई है। इस घोटाले में तत्कालीन सरकार के कई मंत्रियों और विधायकों के रिश्तेदारों को नियुक्तियां दी गई थीं। फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर भी कई आवेदनकर्ता नौकरियां पाने में सफल हो गए। जांच तो कई बार हुई लेकिन कार्रवाई उन पर ही हुई जिनका कोई जुगाड़ नहीं था। अब प्रदेश सरकार ने कानपुर विजिलेंस को जांच सौंप दी है। जांच अधिकारी की तरफ से प्रबंधन से अभिलेख मांगे गए हैं। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। उन्हें भी बुलाया जाएगा जिन्हें नौकरी मिली थी।

बैकलॉग के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन पत्र मांगे गए थे। तब यूपीसीडा नहीं बल्कि उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम था और इसके अध्यक्ष थे राज्य सरकार में मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और दलालों के सिंडीकेट ने यहां स्वीकृत से ज्यादा 19 पदों पर भर्तियां कीं और 17 उन लोगों को भी अधिकारी बना दिया जिनके प्रमाण पत्र फर्जी थे। क्रीमी लेयर की श्रेणी में आने वाले आधा दर्जन आवेदक भी आरक्षण का लाभ पाने में सफल हुए। अब विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है तो उन अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए हैं जिन्हें नौकरी मिली थी। साथ ही जिन्होंने भर्तियां की थीं।

रिटायर हो गए तत्कालीन एमडी और जेएमडी
जब यह घोटाला हुआ उस समय एसके वर्मा प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात थे। तपेंद्र प्रसाद संयुक्त प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात थे। इन अधिकारियों ने तत्कालीन चेयरमैन बाबू सिंह कुशवाहा, स्वामी प्रसाद मौर्य, वेदराम भाटी समेत कई मंत्रियों के रिश्तेदारों को नौकरी मिली थी। बसपा सरकार के एक मंत्री के बेटे ने तो सपा की सरकार बनने के बाद जांच शुरू होते ही पद से त्याग पत्र दे दिया था।

सीईओ से मांगे अभिलेख
पुलिस अधीक्षक उप्र सतर्कता अधिष्ठान ने यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया से संबंधित पत्रावलियां मांगी हैं। अब यूपीसीडा प्रबंधन उन्हें अब तक हुई जांचों का विवरण, नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों के नाम, इंटरव्यू से जुड़े कागजात, प्रमाण पत्रों के सत्यापन संबंधी रिपोर्ट, पूर्व में जिन्हें बर्खास्त किया गया उन अधिकारियों व कर्मचारियों का विवरण आदि उपलब्ध कराएगा।

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