बरेली: ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बच्चों का दोस्त बन रहा मोबाइल

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कल तक बच्चों के लिए घातक समझा जाने वाला मोबाइल फोन अब उनका दोस्त बन गया है। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए अब शिष्य और गुरू पुराने फोन के बजाय नया फोन यूज कर रहे हैं। रैम कम होने की वजह से पुराने फोन पढ़ाई के लिए आई नई एप्लीकेशन को इंस्टॉल नहीं …

बरेली, अमृत विचार। कल तक बच्चों के लिए घातक समझा जाने वाला मोबाइल फोन अब उनका दोस्त बन गया है। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए अब शिष्य और गुरू पुराने फोन के बजाय नया फोन यूज कर रहे हैं। रैम कम होने की वजह से पुराने फोन पढ़ाई के लिए आई नई एप्लीकेशन को इंस्टॉल नहीं कर पा रहे थे। इसकी वजह से पढ़ाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

लाकडाउन के बीच मिली छूट के बाद शहर में मोबाइल की बिक्री भी तेज हो गई है। इस बिक्री का बड़ा कारण लाकडाउन में स्कूलों की चल रही ऑनलाइन पढ़ाई है। बच्चों को पढ़ने के लिए मोबाइल फोन की जरूरत पड़ी तो अभिभावकों ने अपने फोन बच्चों को दिए और जब यह बच्चों की जरूरत बनने लगा तो अब अभिभावक बच्चों को ही नए स्मार्टफोन खरीदकर दे रहे हैं।

मोबाइल फोन विक्रेताओं का कहना है कि उनके पास कई ऐसे अभिभावक भी आ रहे हैं जिनके दो बच्चे हैं और दोनों की ऑनलाइन कक्षाएं एक साथ ही लगती है। घर में एक ही फोन होने के कारण उन्हें दूसरा फोन दूसरे बच्चे के लिए खरीदना पड़ रहा है। इसके अलावा बच्चे को पढ़ने के लिए दिन भर मोबाइल की जरूरत को देखते हुए भी अभिभावक अपने बच्चों को नया स्मार्टफोन लेकर दे रहे हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न पड़े।

शहर ही नहीं ग्रामीण इलाकों में भी मोबाइल की खरीदारी तेज हो गई है। ग्रामीण इलाकों में जो लोग स्मार्टफोन को सिर्फ मनोरंजन का साधन ही मानते थे, वे भी अब ऑनलाइन पढ़ाई के लिए अपने बच्चों को स्मार्टफोन खरीद कर दे रहे हैं।
– नीलेश अग्रवाल, अध्यक्ष मोबाइल बाजार

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