बिजनौर में इलाज के अभाव में युवती की मौत

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Edited By Amrit Vichar
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बिजनौर, अमृत विचार। पैजनिया गांव में एक युवती की इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों ने सरकारी सिस्टम पर बिना किसी तैयारी गांव के निजी डाक्टरों की दुकानें सील करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। समय पर इलाज न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चिकित्सा सुविधाओं को …

बिजनौर, अमृत विचार। पैजनिया गांव में एक युवती की इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों ने सरकारी सिस्टम पर बिना किसी तैयारी गांव के निजी डाक्टरों की दुकानें सील करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। समय पर इलाज न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने की मांग की है।

बुधवार को पैजनिया गांव में अमीचंद की 19 वर्षीय पुत्री शिवानी टीवी सीरियल देख रही थी। इसी दौरान अचानक वह बेहोश होकर गिर पड़ी। आनन-फानन में परिजन युवती को उपचार के लिए गांव के एक झोलाछाप के पास ले गए। काफी देर उपचार के बाद भी जब युवती की तबियत में सुधार नहीं हुआ तो गांव में अन्य प्राइवेट चिकित्सकों के यहां पर पहुंचे। लेकिन सभी चिकित्सकों की दुकान पर ताले और सील लगी हुई दिखाई दी।

परिजन गांव में चिकित्सकों के यहां पर दर-दर की ठोकरें खाते रहे और दूसरी तरफ युवती अपना दम तोड़ती रही। परिजनों को गांव में कोई भी दुकान खुली हुई नहीं मिली। परिजन युवती को बिजनौर ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि अचानक युवती ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। शोर सुनकर ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकारी चिकित्सक बिना तैयारी प्राइवेट दुकानों को सील कर रहे हैं। जबकि गांव में चिकित्सा सुविधा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है ।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अगर दुकानों को सील ही करना है तो पहले गांव में सरकारी चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। परिजनों का कहना है कि यदि समय से उपचार मिल जाता तो शायद शिवानी की जान बच जाती। ग्रामरीणों का कहना है कि सरकारी अफसर झोलाछाप बताकर अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं जिन्हें लोगों की जिंदगी से कोई मतलब नहीं है।

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