बरेली: तिरंगा बनवाकर जश्न मना लिया, 46 लाख का भुगतान देने पर मुंह फेरा

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बरेली, अमृत विचार। 75वां आजादी का जश्न मनाने से दो दिन पहले तिरंगा बनवाने के मामले में दो जिला मिशन मैनेजरों का खेल सामने आया था। जिसमें दोनों ने अधिकृत महिला समूह के खाते में धनराशि न भेजकर सीधे अन्य महिला समूहों के खाते में लाखों की धनराशि भेज दी थी। उसमें रिपोर्ट दर्ज हुई …

बरेली, अमृत विचार। 75वां आजादी का जश्न मनाने से दो दिन पहले तिरंगा बनवाने के मामले में दो जिला मिशन मैनेजरों का खेल सामने आया था। जिसमें दोनों ने अधिकृत महिला समूह के खाते में धनराशि न भेजकर सीधे अन्य महिला समूहों के खाते में लाखों की धनराशि भेज दी थी। उसमें रिपोर्ट दर्ज हुई थी।

आजादी का अमृत महोत्सव संपन्न होने के बाद अधिकारियों ने दोनों मिशन मैनेजरों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तक नहीं की। अब अधिकारियों की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। जिन महिला समूहों से जुड़ी 300 महिलाओं ने दिन-रात गर्मी में पसीना बहाकर करीब डेढ़ लाख तिरंगा बनाए, उन महिलाओं को अभी तक लाखों रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। करीब 46 लाख रुपये फंसा है, जो महिलाओं को मिलना है।

ये रकम न मिलने से परेशान महिलाएं अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं लेकिन उनकी कोई सुन नहीं रहा है। जिम्मेदार एक-दूसरे अधिकारी द्वारा भुगतान करने की बात कहकर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। अफसरों की इस बेरुखी से महिलाएं दिक्कत झेल रही हैं।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक हर घर तिरंगा अभियान के तहत 12 महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं तिरंगा निर्माण कार्य में शामिल रहीं। अभियान के तहत विभागों ने तिरंगा खरीदने को लेकर काफी उत्साह दिखाया, लेकिन उसका भुगतान करने में पीछे दिखाई दे रहे हैं। अमृत महोत्सव संपन्न होने के बाद भुगतान कराने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दर दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। बकाया भुगतान कराने के लिए महिलाएं बीडीओ से लेकर कमिश्नर तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

समूह अध्यक्ष बोलीं- स्वयं कपड़ा खरीदकर बनाए तिरंगे
बिथरी क्षेत्र की बालाजी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष मानसी पटेल ने बताया कि तिरंगा बनाने के लिए उन्होंने स्वयं ही कपड़ा खरीदा था। इनके साथ आरोही, आला हजरत, बड़ी सरकार, श्रीराम, गुलाब, जय माता दी, सरस्वती, भोलेनाथ, राधा, गणेश, सूरज स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने तिरंगा बनाने में काम किया है। बताया कि वह खंड विकास अधिकारी एके शर्मा, परियोजना निदेशक डीआरडीए तेजवंत सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जगप्रवेश से मिलकर अपनी व्यथा बता चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

फैक्ट फाइल :
– 12 – तिरंगा बनवाने में लगे महिला स्वयं सहायता समूह की संख्या
– 1.5 लाख तिरंगा स्वयं सहायता समूहों ने बनाकर दिए

महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा कितने झंडे बनाए गए हैं, कितने की खातों में रुपये भेजे गए और कितना रुपया बकाया है, इसका मिलान कराया जा रहा है। मिलान होने के बाद जिस किसी भी सहायता समूह का बकाया होगा, इसका भुगतान कराया जाएगा अरुण कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी।

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