यहां के लोग रहते हैं पूरे नंगे, सिर्फ सैनिक पहनते कपड़े, ‘सेक्स’ करना बैन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

पेरिस। फ्रांस में एक द्वीप है जो पूरी तरह से न्यूडिस्ट लोगों के लिए है। इसी द्वीप पर सेना का एक बेस है, जहां से मिसाइलें फायर होती हैं और अन्य हथियारों की टेस्टिंग दिख जाती हैं। 70 से ज्यादा वर्षों से एक कांटेदार तार की बाड़ सेना और बीच पर घूमने आने वाले नग्न …

पेरिस। फ्रांस में एक द्वीप है जो पूरी तरह से न्यूडिस्ट लोगों के लिए है। इसी द्वीप पर सेना का एक बेस है, जहां से मिसाइलें फायर होती हैं और अन्य हथियारों की टेस्टिंग दिख जाती हैं। 70 से ज्यादा वर्षों से एक कांटेदार तार की बाड़ सेना और बीच पर घूमने आने वाले नग्न लोगों को अलग करती है। भूमध्यसागर से जुड़े फ्रांसीसी तट से लगभग 14.5 किमी दूर इले डू लेवेंटे (Ile du Levant) आइलैंड है। यहां बीच पर नग्न घूमने की चाह रखने वालों को इतनी आजादी है कि वह रेस्तरां और दुकानों में भी न्यूड होकर जा सकते हैं।

हालांकि, इस आइलैंड पर सैन्य बेस के कारण जगह-जगह प्रवेश न करने से जुड़े बोर्ड लगे हुए हैं। इस आइलैंड पर 1932 में न्यूडिस्ट बीच बनाया गया था। यहां लगभग 250 घर हैं। 71 साल के गुइडो हर वर्ष छह महीने के लिए द्वीप पर जाते हैं। वह तब भी जाते हैं जब हर मंगलवार को सेना अपने हथियारों को टेस्ट करती है। उन्होंने कहा कि हमें सेना से कोई वास्ता नहीं, लेकिन हर मंगलवार को यहां भारी शोर होता है।

गुइडो ने कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ यहां बिना कपड़ों के स्वतंत्र रहते हैं। 1990 के बाद से वह अक्सर अपने तीन बच्चों और अब दो पोते-पोतियों के साथ आइलैंड पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ न्यूड होना कोई बड़ी बात नहीं है। हालांकि खास तौर पर परिवार के पुरुषों ने जाने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि भले ही लोग यहां न्यूड रहते हों, लेकिन पब्लिक में सेक्स करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। जंगल के कुछ इलाकों, रेस्तरां और दुकानों में इसकी इजाजत है।

कपड़ों के साथ ही मॉर्डन टेक्नोलॉजी भी यहां ज्यादा देखने को नहीं मिलती। 1989 में पहली बार इस आइलैंड पर कार और बिजली देखने को मिली। 57 साल के डेल्फीन ने कहा कि ये सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन जब आप कपड़े न पहने हों तो आप भी किसी को नहीं देख रहे होते हैं। हर कोई यहां सबको बराबर मान लेता है। वहीं बाड़ों के दूसरी ओर 225 सैनिक रहते हैं जो सोमवार से गुरुवार तक अलग-अलग हथियारों की ट्रेनिंग करते हैं।

ये भी पढ़ें : ये कैसा कानून! क्रूरता की सारी हदें पार, बेटी के हाथों मां को दिलाई गई फांसी

 

संबंधित समाचार