अयोध्या : डाक्टरों व नर्स के अभाव में खुद बीमार है जिला चिकित्सालय

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, अयोध्या। लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं में शुमार जिला चिकित्सालय में अब खुद डाक्टरों और नर्सों के अभाव में बीमार होता जा रहा है। अस्पताल में मानक से कम डाक्टर तैनात हैं वहीं नर्सों की संख्या भी पर्याप्त न होने के कारण मरीजों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है …

अमृत विचार, अयोध्या। लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं में शुमार जिला चिकित्सालय में अब खुद डाक्टरों और नर्सों के अभाव में बीमार होता जा रहा है। अस्पताल में मानक से कम डाक्टर तैनात हैं वहीं नर्सों की संख्या भी पर्याप्त न होने के कारण मरीजों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति यह है कि 212 बेड की क्षमता वाले शहर के सबसे बड़े अस्पताल में 46 डॉक्टरों के सापेक्ष कुल 21 डॉक्टर ही तैनात है जबकि 25 डाक्टरों के पद अभी भी रिक्त हैं। पिछले दिनों डाक्टरों स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान जिला अस्पताल भी इसकी जद में आया है और यहां पर तैनात कुछ डॉक्टरों का तबादला कर दिया गया लेकिन अभी तक इन पदों पर क्षतिपूर्ति नहीं की जा सकी। वहीं कुछ ऐसा ही हाल स्टाफ नर्स, सिस्टर, वार्ड मास्टर व सहायक नर्सिंग अधीक्षक का भी है। यहां पर नर्सिंग स्टाफ में कुल 26 कर्मचारी की कार्यरत है जबकि 22 कर्मचारियों का पद रिक्त है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि जब लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर तरीके से नहीं मिल पाएंगी तो लोगों को निरोग रखने का सपना कैसे साकार होगा।

आस-पास जिलों के मरीज आते हैं यहां

जिला चिकित्सालय में इलाज कराने के लिए स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में आस-पास जिलों के लोग भी आते हैं। डाक्टरों के अभाव के कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिला अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अस्पताल में किसी भी संसाधन की कमी नहीं हैं, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग इलाज के लिए यहां आते तो हैं लेकिन पर्याप्त संसाधन उपलब्ध न होने के कारण उन्हें लखनऊ या फिर प्राइवेट हॉस्पिटल का सहारा लेना पड़ता है।

स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदारों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज बन जाने के कारण लोगों को काफी राहत मिली है, जिसके कारण जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई है। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. सीबीएन त्रिपाठी का कहना है कि अस्पताल में डाक्टरों की समस्या तो है, लेकिन लोगों को बेहरत बेहतर इलाज देने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रतिदिन ओपीडी में आते हैं 1000 मरीज

जिला अस्पताल में विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लोगों को अलावा ओपीडी में इलाज कराने के लिए प्रतिदिन लगभग 1000 मरीज पहुंचते हैं, ऐसे में सीमित संख्या में तैनात डॉक्टरों पर काफी दबाव होता है। जिला चिकित्सालय में उल्टी, दस्त, बुखार सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। जिनका इलाज कर वहां के डाक्टर दवा भी देते हैं।

डाक्टरों की स्थिति पर एक नजर

   पदनाम                स्वीकृत             रिक्त

  • सीएमएस             01                   01
  • फिजीशियन          03                  03
  • चेस्ट फिजीशियन  02                   02
  • बाल रोग विशेषज्ञ  03                   03
  • रेडियोलॉजिस्ट      03                   02
  • पैथालाजिस्ट         02                   01
  • कार्डियोलॉजिस्ट   02                   02
  • एनेस्थेटिस्ट          03                   02
  • जनरल सर्जन      03                    01
  • अतिविशिष्ट विशेषज्ञ 05                05
  • ईएमओ               04                  03
  • अधीक्षक              01                  01

नर्सिंग स्टाफ पर एक नजर

    पदनाम                      स्वीकृत               रिक्त

  1. स्टाफ नर्स                     38                    19
    सिस्टर/वार्ड ब्वाय           09                    02
    सहायक नर्सिंग अधीक्षक 01                     01

इस सम्बन्ध में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सीबीएन त्रिपाठी ने बताया कि, रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए शासन से लगातार पत्राचार जारी है। अभी तक खाली पदों पर नियुक्ति नहीं हुई है। जब तक नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक सीमित कर्मियों में बेहतर कार्य का प्रयास किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें:- अयोध्या: जिला अस्पताल में हंगामा, मरीज के तीमारदारों ने चिकित्सक के साथ की मारपीट

संबंधित समाचार