बरेली: रेडियोलॉजिस्ट ने जीत ली कोरोना से जंग
बरेली,अमृत विचार। रामपुर गार्डन के रेडियोलॉजिस्ट ने कोरोना से जंग जीत ली है। गुरुवार को उनके सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई। कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से उनका इलाज किया जा रहा था। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उनको एसआरएमएस से छुट्टी कर दी गई, जहां उनका उपचार किया जा रहा था। इससे इनके …
बरेली,अमृत विचार। रामपुर गार्डन के रेडियोलॉजिस्ट ने कोरोना से जंग जीत ली है। गुरुवार को उनके सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई। कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से उनका इलाज किया जा रहा था। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उनको एसआरएमएस से छुट्टी कर दी गई, जहां उनका उपचार किया जा रहा था। इससे इनके परिवार और स्टाफ के लोगों में खुशी का माहौल है। वहीं आईएमए के सभी चिकित्सकों में भी खुशी की लहर है।
पिछले पखवाड़े रेडियोलॉजिस्ट में संक्रमण के बाद से ही रामपुर गार्डन को हॉटस्पॉट घोषित किया गया था। उनकी रिपोर्ट जब पॉजिटिव आई थी तो चिकित्सक वर्ग में खलबली मच गई थी और सब उनके शीघ्र होने की उम्मीद कर रहे थे। गुरुवार को ऐसा हुआ भी तो सबने राहत की सांस ली। उपचार के दौरान रेडियोलॉजिस्ट का सैंपल जांच के लिए दो दिन पहले आईवीआरआई भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट गुरुवार शाम को आई तो उनकी रिपोर्ट निगेटिव पाई गई।
गौरतलब है कि रेडियोलॉजिस्ट की चिकित्सक पत्नी और बच्चों के अलावा उनकी लैब के स्टाफ के सैंपल पहले ही निगेटिव पाए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट अभी होम क्वारंटाइन में रहेंगे।
बता दें कि रेडियोलॉजिस्ट के रामपुर गार्डन स्थित एमआरआइ सेंटर पर बदायूं की एक महिला अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची थी। बाद में वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। उसके संपर्क में आने के बाद ही रेडियोलॉजिस्ट भी संक्रमित हो गए। उनका उपचार एसआरएमएस में चल रहा था।
“रेडियोलॉजिस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे सभी चिकित्सकों में खुशी की लहर है। अब तो रोजाना अस्पताल में हर तरह के मरीज चिकित्सकों के संपर्क में आएंगे। ऐसे में सबको सावधानी बरतनी है और सारे जरूरी उपाय करते हुए मरीजों को देखना है।” -डॉ. राजेश अग्रवाल, अध्यक्ष, आईएमए
“रेडियोलॉजिस्ट ने कोरोना से जंग जीत ली है, यह बेहद खुशी की बात है। चिकित्सक हमेशा अपने मरीज के लिए खड़े रहते हैं। कोरोना के मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है, ऐसे में चिकित्सक और अधिक सावधानी के साथ कार्य करें, यह जरूरी हो गया है। -डॉ. राजीव गोयल, सचिव, आईएमए
