मानवीय मूल्यों की रक्षा के साथ पर्यावरण बचाना जरूरी

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शाहजहांपुर। विश्व का पर्यावरण बचाना हम सबका कर्तव्य है। मानवीय मूल्यों की रक्षा करते हुए व संवैधानिक लेखों का अनुसरण करते रहने के साथ साथ विश्व के पर्यावरण को अस्तव्यस्त नही होने देना है। उपरोक्त विचार एस एस कॉलेज प्राचार्य डॉ अवनीश मिश्रा ने इंटरनेशनल ई – कांफ्रेंस में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में व्यक्त किये। …

शाहजहांपुर। विश्व का पर्यावरण बचाना हम सबका कर्तव्य है। मानवीय मूल्यों की रक्षा करते हुए व संवैधानिक लेखों का अनुसरण करते रहने के साथ साथ विश्व के पर्यावरण को अस्तव्यस्त नही होने देना है। उपरोक्त विचार एस एस कॉलेज प्राचार्य डॉ अवनीश मिश्रा ने इंटरनेशनल ई – कांफ्रेंस में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में व्यक्त किये।

आज दिनांक 5 जून को को दिन में 11:30 से 01:30 बजे तक इंटरनेशनल ई – कांफ्रेंस का सफल आयोजन चमन लाल महाविद्यालय हरिद्वार व एसएस कॉलेज शाहजहाँपुर एवं “सोसायटी फॉर रिसर्च इन बायोलॉजिकल साइंस (एसआरबीएस) द्वारा संयुक्त रूप से गूगल मीट पर आयोजित किया गया। इस का टॉपिक “इम्पैक्ट ऑफ ग्लोबली ग्रोइंग टरबूलेन्स ऑन द वर्ल्ड एनवायरनमेंट” था।

ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ दीपिका सैनी, जंतु विज्ञान विभाग, चमन लाल महाविद्यालय, हरिद्वार ने विषय स्थापना की व वक्ताओं का परिचय दिया डॉ दीपिका सैनी ने “उद्घाटन भाषण” में भारतीय व्यवस्था में पर्यावरण के महत्व को बताया व वैदिक कालखंड के भारतीय तौर तरीकों की वकालत करते हुए वैश्विक पर्यावरण को बचाने की बात की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा हम सबका नैतिक दायित्व है।

गेस्ट स्पीकर नोंग लाम यूनिवर्सिटी, वियतनाम के डॉ गुएन ने आज के माहौल में वैश्विक पर्यावरण के कोरोना प्रभाव के अध्ययन पर चल रहे पीसीआर टेस्ट को बेसिलस बैक्टीरिया के संबंध में बताया और कहा कि इसी टेस्ट से कोरोना संक्रमित व्यक्तियों का पता लगाया जाता

गेस्ट स्पीकर आईआईटी रुड़की के बायोटेक्नोलॉजी के प्रोफेसर प्रविंद्र कुमार ने प्लास्टिक व उसके बाय़ोडीग्रेडेशन के संदभ में अपने विचार रखे और उससे पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया।

गेस्ट स्पीकर इंडियाना यूनिवर्सिटी,अमेरिका की डॉ मानसी श्रीवास्तव ने अपने लेक्चर “फार्मेसिटिकल्स इम्प्लिकेशन्स ऑन एनवायरनमेंटल हेल्थ” में दवाओं के अधिक इस्तेमाल के चलते वातावरणीय परिवर्तनों की समीक्षा की व पर्यावरण बचाने की वकालत की है।

चमन लाल महाविद्यालय से डॉ प्रभात व डॉ दीपिका सैनी का योगदान रहा। एसआरबीएस से मुख्य रूप से गोपाल दीक्षित, डॉ पारुल सक्सेना का उल्लेखनीय योगदान रहा।

कार्यक्रम का संचालन ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ दीपिका सैनी,असिस्टेन्ट प्रोफेसर, जंतु विज्ञान विभाग, चमन लाल महाविद्यालय हरिद्वार ने किया जबकि होस्ट की भूमिका डॉ रमेश चंद्रा, असिस्टेंट प्रोफेसर, जंतु विज्ञान विभाग, एसएस कॉलेज ने निभाई।

अंत मे इंटरनेशनल ई – कांफ्रेंस सेक्रेटरी व एसआरबीएस संस्था के प्रेसीडेंट व वनस्पति विज्ञान विभाग, एसएस कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ आदर्श पाण्डेय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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