एसवाईएल के फैसले की जिम्मेदारी केन्द्र की है, प्रधानमंत्री को समाधान बता सकता हूं: केजरीवाल

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हिसार। एसवाईएल नहर के विवाद को हल करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार को इसका समाधान ढूंढना चाहिए जिससे दोनों राज्यों की पानी की जरूरत पूरी हो सके। दोनों राज्यों में पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है और दोनों को सिंचाई और पीने के लिए पानी की आवश्यकता है। दिल्ली के …

हिसार। एसवाईएल नहर के विवाद को हल करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार को इसका समाधान ढूंढना चाहिए जिससे दोनों राज्यों की पानी की जरूरत पूरी हो सके। दोनों राज्यों में पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है और दोनों को सिंचाई और पीने के लिए पानी की आवश्यकता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आप के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को हिसार में पत्रकारों से कहा कि केन्द्र को इसका हल तलाशना चाहिए।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पंजाब में कुछ कहते हैं और हरियाणा में अलग बयान देते हैं। इस मामले पर ये दल गंदी राजनीति करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं। श्री केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री यदि उन्हें चाय पर आमंत्रित करें तो वह एसवाईएल विवाद का हल उन्हें बता सकते हैं। इसी मुद्दे पर कांग्रेस से पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए कुलदीप बिश्नोई के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हाेंने कहा कि बिश्नोई भाजपा में अपना मामला वापस करवाने के लिए शामिल हुए हैं। वह जहां हैं, वहीं रहें, उन्हें उनकी जरूरत नहीं है।

मेक इंडिया नंबर वन पर केजरीवाल ने कहा कि यदि आजादी के बाद शिक्षा पर ध्यान दिया गया होता तो आज भारत दुनिया का नंबर एक देश होता लेकिन स्वार्थी और गंदी राजनीति के कारण आज हम बहुत पीछे हैं जबकि सिंगापुर और जापान जैसे छोटे देश भी हमसे आगे निकल गए। हमारे देश मेें संसाधन और मानव शक्ति इतनी अधिक है कि यदि ईमानदारी से जनता को जोड़ा जाता और शिक्षा पर ध्यान दिया जाता तो हम दुनिया में अव्वल होते।

मान ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णयों के कारण पंजाब में कर्मचारियों के वेतन वितरण में देरी हुई है लेकिन आज शाम तक किसानों की बकाया राशि और कर्मचारियों का वेतन जारी कर दिया जाएगा। पंजाब में जीएसटी के राजस्व में रिकार्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल की बैठक में उन्हें बुलाया गया तो वे अवश्य शामिल होंगे लेकिन दुख की बात है कि बैठक के बाद सामान्यत: अपने स्वार्थ में गलत बयानबाजी शुरू कर दी जाती है। इस विवाद को हल करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे सरकारी स्कूलों के स्तर को ऊंचा करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर समरूपता बनाएं। इसमें हम भी सहयोग देने को तैयार हैं, लेकिन खेद की बात है कि सरकार सरकारी संस्थाओं को बंद करती जा रही है, तो गरीब बच्चे कहां पढ़ेंगे।

केजरीवाल ने कहा कि वह देश को विश्व का नंबर एक देश बनाने के लिए निकले हैं और पूरे देश को एक सूत्र मे जाेड़ने का काम करेंगे। हमारे देश में सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और निपुण व्यवसायी हैं। यदि हमने शिक्षा के स्तर को नहीं सुधारा और देश के 130 करोड़ लोगों को नहीं जोड़ा तो हम अगले 75 वर्ष और अधिक पिछड़ जाएंगे। हम देश के कोने-कोने में जाएंगे और लोगों को जोड़ेंगे। कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल होनी चाहिए। इस बंद करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

मान ने कहा, हमारी सरकार को बने केवल छह महीने हुए हैं और हमने ई-गवर्नेंस के अंतर्गत सिंगल विंडो द्वारा जनता के सभी कार्य करने शुरू कर दिए हैं। पहले बाहर की कंपनियां पंजाब के एक ही परिवार से सौदा तय करती थी परंतु अब जनता की सरकार सभी फैसले लेती है। देश की जनता हमारा साथ देगी तो भारत मजबूती से आगे बढ़ेगा।

केजरीवाल ने बिश्नोई को लेकर कहा कि वह जहां हैं, वहीं रहें। पहले जब वह कांग्रेस में थे, तो विधायक थे। अब भाजपा में आकर भी चुनाव जीते तो भी विधायक बनेंगे। तो क्या अंतर आएगा। वह किसी और का नहीं अपना भला कर रहे हैं। उन पर इतने मामले थे, जिन्हें रफा-दफा करवाने के लिए ही वह भाजपा में आए हैं। आप पार्टी के दोनों शीर्ष नेता मेक इंडिया नंबर वन अभियान के अंतर्गत आज और कल हिसार में रहेंगे और कल आदमपुर रैली में जाएंगे।

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