नशीली दवाओं के सौदागार लखनऊ से गिरफ्तार, करोड़ों की मिली प्रतिबंधित दवाएं
अमृत विचार, लखनऊ। नशीली व प्रतिबंधित दवाएं लेने वाले इण्डियन व विदेशी कस्टमर का डाटा डार्कवेब से हासिल कर बिटक्वॉइन के माध्यम से खरीद फरोख्त करने वाले गैंग का स्पेशल टॉस्क फोर्स ने भण्डाफोड़ किया है। एसटीएफ ने आलमबाग के चंदरनगर इलाके से गैंग के सरगना समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस …
अमृत विचार, लखनऊ। नशीली व प्रतिबंधित दवाएं लेने वाले इण्डियन व विदेशी कस्टमर का डाटा डार्कवेब से हासिल कर बिटक्वॉइन के माध्यम से खरीद फरोख्त करने वाले गैंग का स्पेशल टॉस्क फोर्स ने भण्डाफोड़ किया है। एसटीएफ ने आलमबाग के चंदरनगर इलाके से गैंग के सरगना समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से 720 कैप्सूल, 1 लैपटॉप, राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय बैंकों के 30 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 17 मोबाइल, पांच आधार कार्ड, बीएमडब्ल्यू, इंडेवर समेत तीन लग्जरी कार, एक बाइक व रुपये समेत अन्य सामान बरामद किया है।
एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में शाहबाज खान निवासी औरंगाबाद खालसा बिजनौर रोड, आरिज एजाज निवासी गोसार्इंगंज हालपता आर्चेट अपार्टमेंट हैदरगंज चौराहा बाजारखाला, उसका भाई शारिब एजाज, गौतम लामा निवासी आलमबाग, जावेद खान निवासी मोह मदनगर बिजनौर व सऊदी अली निवासी मोहनगंज अमेठी हालपता भदेवां ऐशबाग हैं। एफएसडीए के सहायक आयुक्त औषधि बृजेश कुमार ने बताया कि मौके से एफएसडीए की टीम ने नारकोटिक्स ड्रग्स कैप्सूल के तीन नमूने लिए हैं। जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
एडीजी ने बताया कि लगातार लखनऊ व आसपास के जिलों में चोरी छिपे प्रतिबंधित नशीली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पोर्टल के माध्यम से खरीद-फ्रो त कर ठगी और नशे का धंधा चलने की सूचना मिल रही थी। जिसपर टीम को लगाया गया। पड़ताल में सामने आया कि आलमबाग में एक गैंग कॉल सेंटर चलाते हुए नशीली दवाओं की ऑनलाइन खरीद व बिक्री कर रहा है। सूचना पर टीम ने बुधवार को एसटीएफ व एफएसडीए की संयुक्त टीम ने चंदरनगर स्थित किराए के कमरे में रूके सरगना शहबाज व उसके गैंग के पांच अन्य आरोपितों को दबोचा।
आरोपित शहबाज ने बताया कि उनका एक इंटरनेशनल गैंग है। उक्त गैंग बिजनेस के लिए कस्टमर का डाटा डार्क वेब के हासिल कर व्हाट्सएप पर उन लोगों से स पर्क करता है। फिर डिमांड के हिसाब से दवाई मंगवाकर कस्टमर के पते पर भेजता है और दवा की कीमत बिटक्वॉइन या पे-पाल के माध्यम से लेते हैं। एसटीएफ ने सभी आरोपितों के खिलाफ आलमबाग कोतवाली में धोखाधड़ी, आईटी एक्ट व एनडीपीएस एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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