पीलीभीत: दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाई गई थी दलित किशोरी, दो गिरफ्तार
पीलीभीत, अमृत विचार। चार दिन से जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही दलित किशोरी से दरिंदगी हुई थी। परिवार की गैरमौजूदगी में गांव के ही दो शोहदे उसके घर में घुसे और एक ने दुष्कर्म किया। विरोध करने पर दोनों शोहदों ने डीजल छिड़ककर उसे जिंदा जला दिया था। इस मामले …
पीलीभीत, अमृत विचार। चार दिन से जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही दलित किशोरी से दरिंदगी हुई थी। परिवार की गैरमौजूदगी में गांव के ही दो शोहदे उसके घर में घुसे और एक ने दुष्कर्म किया। विरोध करने पर दोनों शोहदों ने डीजल छिड़ककर उसे जिंदा जला दिया था। इस मामले में चार दिन बाद पुलिस ने पिता से मिली तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर दोनों की गिरफ्तारी कर ली है। उधर, किशोरी को हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल से रेफर कर दिया गया है।
माधोटांडा क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी सत्रह वर्षीय पुत्री सात सितंबर को घर पर अकेली थी। वह खेत पर काम करने, जबकि पत्नी मायके गई हुई थी। पूर्वान्ह करीब 12 बजे गांव के ही राजवीर और ताराचंद उर्फ तरुण कुमार घर में घुस गए। राजवीर ने बेटी से दुष्कर्म किया और दूसरा आरोपी धमकाता रहा। बेटी द्वारा जब इसका विरोध किया गया तो दोनों ने किशोरी से गाली गलौज की और फिर डीजल छिड़ककर जिंदा जला दिया।
थाना माधोटांडा @pilibhitpolice क्षेत्रान्तर्गत एक व्यक्ति की तहरीर के आधार पर उसकी पुत्री के साथ बलात्कार कर तेल छिड़ककर जलाने की घटना के संबंध में तत्काल थाना माधोटांडा पर मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार करने की घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक पीलीभीत की बाइट। @Uppolice https://t.co/cXjlkiboMj pic.twitter.com/0y7mbqMGQy
— Pilibhit Police (@pilibhitpolice) September 10, 2022
जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि अब दरिंदगी की शिकायत भी नहीं कर पाएगी। परिवार के सदस्यों को भी जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद से ही किशोरी जिला अस्पताल में भर्ती है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। रविवार को उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल के वर्न वार्ड में किशोरी के भर्ती होने के दौरान सीओ सिटी सुनील दत्त की अगुवाई में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। किशोरी के रेफर होने पर परिवार के अलावा पुलिस भी साथ भेजी गई। इधर, माधोटांडा पुलिस ने घटना के तीन दिन बाद तहरीर के आधार पर पॉक्सो एक्ट और एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस अफसरों के बदलते रहे बयान
इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली भी सवालों में घिरी रही। पहले अधिकारी महज डीजल छिड़ककर आग लगाने यानि जानलेवा हमला करने की बात कहते रहे। उसके बाद दुष्कर्म में असफल होने पर घटना करने की बात कही गई। फिर जब रिपोर्ट दर्ज की गई तो दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाने का मामला निकला।
पीलीभीत एसपी दिनेश कुमार ने कहा कि पिता से मिली तहरीर पर दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। गहराई से छानबीन कराई जा रही है। पुलिस ने सूचना मिलते ही कार्रवाई की है।
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