मुरादाबाद : छात्र के हाथ में बंधा कलावा काटने पर हंगामा, शिक्षक गिरफ्तार
ठाकुरद्वारा, अमृत विचार। यहां के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले छात्र के हाथ में बंधा कलावा काटने पर बखेड़ा हो गया। जानकारी होने पर हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता भड़क गए और कोतवाली पहुंचकर हंगामा करने लगे। कहने लगे कि दूसरे समुदाय का शिक्षक कलावा काटने के साथ ही तिलक न लगाने की बात कह …
ठाकुरद्वारा, अमृत विचार। यहां के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले छात्र के हाथ में बंधा कलावा काटने पर बखेड़ा हो गया। जानकारी होने पर हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता भड़क गए और कोतवाली पहुंचकर हंगामा करने लगे। कहने लगे कि दूसरे समुदाय का शिक्षक कलावा काटने के साथ ही तिलक न लगाने की बात कह रहा है। इससे हिन्दुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला नगर के नूरी मार्केट स्थित एक प्राइवेट स्कूल का है। नगर के बाजार गंज वार्ड-22 निवासी अनिकेत रूहेला का कहना है कि उसका भाई प्रिंस उस स्कूल में कक्षा छह का छात्र है। 12 सितंबर को उसका भाई रोजमर्रा की तरह स्कूल गया। भाई के हाथ में कलावा बंधा था। बताते हैं कि जब वह प्रार्थना स्थल पर पहुंचा तो वहां पर मौजूद शिक्षक सैफ अली ने कलावा बांधने का विरोध किया। आरोप है कि शिक्षक ने प्रिंस के हाथ में बंधा कलावा काट दिया और कलावे की तुलना जूते के फीते से कर दी।
इतना ही नहीं शिक्षक ने सभी छात्रों को चेतावनी दी कि कोई भी तिलक लगाकर या फिर हाथ में कलावा बांधकर नहीं आएगा। घर आने पर छात्र ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। मंगलवार को जब यह जानकारी बजरंग दल व विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं को हुई तो वह भड़क गए और ठाकुरद्वारा कोतवाली पहुंचकर हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि आरोपी शिक्षक ने कलावा काटकर हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। हंगामा बढ़ने पर आनन-फानन में पुलिस आरोपी शिक्षक सैफ अली को पकड़कर कोतवाली ले आई। बाद में अनिकत की तहरीर के आधार पर शिक्षक पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली । पुलिस ने आरोपी शिक्षक सैफ अली का चालान कर दिया है। इस मौके पर मोनू सिंह, आशु बाल्मीकि और साजन शर्मा आदि मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें:- मुरादाबाद: ‘विश्नोई मंदिर लोदीपुर धाम का जीर्णोद्धार कराकर हाईवे से जोड़ा जाए’, महापौर से मिले स्वामी प्रणवानंद
