बरेली: पद का दुरुपयोग कर सैकड़ों बीघा भूमि अकृषक घोषित करने का आरोप, SDM रहे मनीष पर बैठी जांच
बरेली, अमृत विचार। इंटरनेशनल सिटी कॉलोनी से जुड़े मामले की शासन के निर्देश पर जांच कर रहे मुरादाबाद मंडलायुक्त ने बरेली में एसडीएम सदर रहे मनीष नाहर के विरुद्ध जांच कराकर आख्या तलब की है। मनीष नाहर पर पद का दुरुपयोग कर सैकड़ों बीघा भूमि को धारा 143 के तहत अकृषक घोषित करने का आरोप …
बरेली, अमृत विचार। इंटरनेशनल सिटी कॉलोनी से जुड़े मामले की शासन के निर्देश पर जांच कर रहे मुरादाबाद मंडलायुक्त ने बरेली में एसडीएम सदर रहे मनीष नाहर के विरुद्ध जांच कराकर आख्या तलब की है। मनीष नाहर पर पद का दुरुपयोग कर सैकड़ों बीघा भूमि को धारा 143 के तहत अकृषक घोषित करने का आरोप है। मंडलायुक्त आज्जनेय कुमार सिंह ने जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी को चिट्ठी भेजकर टीम गठित कर तीन दिन में जांच कराकर आख्या भेजने के निर्देश दिए हैं।
डीएम को भेजी चिट्ठी में मंडलायुक्त ने लिखा है कि 8 अगस्त एवं अनुस्मारक पत्र 18 अगस्त का संदर्भ ग्रहण करें। जो मनीष नाहर तत्कालीन उप जिलाधिकारी सदर (जनपद बरेली) के विरुद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही के संबंध में है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) बरेली के पत्र 24 जून 2015 के द्वारा महेश पांडेय निवासी खजाना कोठी फूल बाग बरेली के शिकायती पत्र पर जांच कर आख्या आपको प्रस्तुत की गई।
जिसमें उक्त पत्र के प्रस्तर संख्या-2 में लिखा गया है कि शिकायतकर्ता महेश पांडेय के पत्र 10 अप्रैल 2015 में यह कहा गया है कि ग्राम नरियावल चकबंदी अधीन है। अधिनियम के अनुसार चकबंदी अधीन ग्रामों में अपने समस्त राजस्व अधिकार शून्य हैं, उपजिलाधिकारी बरेली द्वारा उक्त ग्राम में यूपीजैडए एलआर एक्ट की धारा 154 के प्रभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से सैकड़ों बीघा भूमि को अपने पद का दुरुपयोग कर धारा 143 के अंतर्गत अकृषक घोषित कर दिया है, जो यूपीजैडए एलआर एक्ट की धारा 154 के अंतर्गत राज्यसात हो चुकी है।
आरोप लगाया है कि इस राज्यसात भूमि का मूल्य 8000 करोड़ रुपये है, जिसे उप जिलाधिकारी सदर बरेली साठगांठ कर भूमाफिया को सौंपने का षड़यंत्र के अंतर्गत धारा 143 के अधीन आदेश कर चुके हैं।
मंडलायुक्त ने उक्त क्रम में डीएम को पत्र लिखकर पूर्व में कहा कि तत्क्रम में टीम गठित कर जांच कराते हुए आख्या 7 दिन में उपलब्ध कराएं, लेकिन जांच आख्या मंडलायुक्त को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इस पर मंडलायुक्त ने दूसरी चिट्ठी लिखकर प्रकरण में अपेक्षित जांच आख्या तीन दिन में भेजने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार पीसीएस मनीष कुमार नाहर बतौर एसडीएम सदर 2014 और 2016 में तैनात रहे थे।
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