मुरादाबाद में लखनऊ-गाजियाबाद के नियमों से पाल सकेंगे कुत्ते, निगम प्रशासन हुआ सख्त

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मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर में अब मनमाने तरीके से कुत्ते या अन्य पालतू जानवर नहीं पाल सकेंगे। लखनऊ और गाजियाबाद के नियम कुत्तों के पालने पर लागू होगा। इसके लिए जल्द ही नगर निगम की ओर से इन दोनों शहरों के नियम मंगाकर उप विधि बनाई जाएगी। इसका पालन न करने वालों को पालतू जानवर …

मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर में अब मनमाने तरीके से कुत्ते या अन्य पालतू जानवर नहीं पाल सकेंगे। लखनऊ और गाजियाबाद के नियम कुत्तों के पालने पर लागू होगा। इसके लिए जल्द ही नगर निगम की ओर से इन दोनों शहरों के नियम मंगाकर उप विधि बनाई जाएगी। इसका पालन न करने वालों को पालतू जानवर (पेट एनीमल) रखने की अनुमति नहीं होगी।

शिकंजा

  • बिना लाइसेंस व अनुमति शहर में पालतू जानवर रखने पर निगम प्रशासन हुआ सख्त
  • नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में गठित की तीन सदस्यीय टीम

पालतू और स्ट्रीट डॉग के द्वारा लोगों को काटकर जख्मी करने, यहां तक की अपने स्वामी को भी न बख्शने की घटनाओं के बढ़ने से नगर निगम प्रशासन अब चिंतित हुआ है। पालतू जानवरों के हिंसक होने से खतरे में पड़ रही लोगों की जान के हिफाजत के लिए अब इनके पालने पर नियमों का शिकंजा कसेगा। हालांकि अब तक नगर निगम मुरादाबाद में इसके लिए कोई नियम कानून नहीं बना है। इसके चलते अब निगम प्रशासन ने लखनऊ और गाजियाबाद में बने इससे संबंधित नियमावली को वहां के निगम प्रशासन से मंगाकर स्थानीय स्तर पर उप विधि बनाने का निर्णय लिया है। इसके तैयार होकर बाईलाज में शामिल होने से मनमाने तरीके से कुत्ते या अन्य जानवरों को नहीं पाला जा सकेगा। जिससे किसी के जान को खतरा हो।

तीन सदस्यीय टीम गठित

नगर आयुक्त ने कुत्तों के बढ़ते हिंसक प्रवृत्ति को देखते हुए पालतू जानवर रखने के लिए नियमों का दायरा कसने की सोची है। इसके लिए उन्होंने तीन सदस्यीय टीम अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित की है। इसमें नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विवेकानंद व एक सहायक नगर आयुक्त शामिल हैं। यह समिति पालतू जानवर रखने के लिए उपविधि बनाने के लिए नियमों का परीक्षण कर देगी। जिसे शासन को भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने पर निगम क्षेत्र में लागू किया जाएगा।

जिला अस्पताल में हर दिन पहुंचते हैं 80-100 पीड़ित

जिला अस्पताल की ओपीडी में हर दिन कुत्ते, बंदर के काटने से जख्मी पीड़ित एआरवी का इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं। इसमें से अधिकांश शहरी क्षेत्र के ही होते हैं। अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एनके गुप्ता का कहना है कि वातावरण के प्रभाव से पालतू और सड़क पर घूमने वाले जानवरों की हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है। घरों में पाले गए कुत्ते भी जरा भी असावधानी पर पड़ोस या घर के सदस्यों व आने वाले मेहमानों पर ही हमला कर जख्मी कर देते हैं। इसके लिए नियम होने से सावधानी भी लोग बरतेंगे। अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में लोग एआरवी का इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं।

पालतू जानवर खासकर कुत्तों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति से आए दिन लोग जख्मी होकर जान की जोखिम में पड़ रहे हैं। लोगों के जीवन सुरक्षा के लिए कुत्ते या अन्य जानवर के पालने के लिए नियम बनाए जाएंगे। लखनऊ, गाजियाबाद व अन्य निगम में जहां भी इससे संबंधित नियमावली है उसे मंगाकर स्थानीय स्तर पर उपविधि बनेगी। इसके लिए अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की है। -संजय चौहान, नगर आयुक्त

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