रायबरेली: बरसात के ढह गई झोपड़ी, बेघर हुआ गरीब बेवा परिवार

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रायबरेली। खीरों ब्लाक की ग्राम पंचायत जेरी की एक बेवा की झोपड़ी बरसात के ढह गई है। जिससे महिला अपने दो छोटे बच्चों के साथ सड़क पर आ गई है। ग्राम पंचायत जेरी के गांव रामपुर की निवासी संतोषी पाल पत्नी स्वर्गीय सुखपाल ने बताया कि उसके पति की लगभग डेढ़ दशक पूर्व मृत्यु हो …

रायबरेली। खीरों ब्लाक की ग्राम पंचायत जेरी की एक बेवा की झोपड़ी बरसात के ढह गई है। जिससे महिला अपने दो छोटे बच्चों के साथ सड़क पर आ गई है। ग्राम पंचायत जेरी के गांव रामपुर की निवासी संतोषी पाल पत्नी स्वर्गीय सुखपाल ने बताया कि उसके पति की लगभग डेढ़ दशक पूर्व मृत्यु हो गई थी। उसके दो बेटियां रीमा तथा रोली तथा एक बेटा धीरज है।

गत दो वर्ष पूर्व वह अपनी बड़ी बेटी रीमा की शादी कर चुकी है। वर्तमान में उसकी छोटी बेटी रोली तथा बेटे धीरज को लेकर वह एक छप्पर के किनारे कच्ची इंटो की बाउंड्री बना कर बांस के टुकड़ों का दरवाजा लगा कर गुजर-बसर कर रही थी। पात्र होते हुए भी अभी तक उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला। गत दिनों हुई तेज बरसात के कारण उसकी कच्ची ईंटों की बाउंड्री भी ढह गई और उस पर रखा छप्पर भी गिर गया।

जिसके मलबे के नीचे दब कर उसे और उसकी बेटी रोली को भी चोटे आई। अब वह खुले आसमान के नीचे गुजर बसर करने को विवश है। उसने कई बार ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम प्रधान तथा बीडीओ से प्रार्थना पत्र के माध्यम से अपनी विवशता बता कर आवास की मांग की।

लेकिन आज तक उसे आवास योजना का लाभ नहीं दिया गया। इस संबंध में उपजिलाधिकारी लालगंज अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि मामला जानकारी में आया है। खंड विकास अधिकारी खीरों के माध्यम से जांच कराकर पीड़िता को दैवी आपदा के तहत आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।

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