मॉक ड्रिल: पीलीभीत में ट्रेन डिरेल, मौके पर एक घंटे देरी से पहुंचे अधिकारी
पीलीभीत, अमृत विचार। पीलीभीत जंक्शन पर ट्रेन डिरेल होने की सूचना पर हड़कंप मच गया। कुछ ही पल में जंक्शन छावनी में तब्दील हो गया। कुछ ही देर में डॉग स्क्वायड की टीम और एनडीआरएफ पहुंच गई। वहीं लोकल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी एक घंटा देरी से पहुंचे। तब पता चला कि है यह यह …
पीलीभीत, अमृत विचार। पीलीभीत जंक्शन पर ट्रेन डिरेल होने की सूचना पर हड़कंप मच गया। कुछ ही पल में जंक्शन छावनी में तब्दील हो गया। कुछ ही देर में डॉग स्क्वायड की टीम और एनडीआरएफ पहुंच गई। वहीं लोकल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी एक घंटा देरी से पहुंचे। तब पता चला कि है यह यह सब स्टेशन की सुरक्षा परखने के लिए मॉक ड्रिल थी।

रेलवे स्टेशन पर मॉक ड्रिल के दौरान ये परखा जाता है कि कंट्रोल रूम में सूचना देने के कितने समय में पुलिस फोर्स, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।

मॉक ड्रिल में पीलीभीत प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस प्रशासन की लापरवाही सामने आई। वहीं एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार व एडीएम एफआर राम सिंह गौतम मौके पर एक घंटा देरी से पहुंचे। इसके साथ ही लोकल पुलिस के साथ सीओ सिटी, सुनगढ़ी इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे।


रेलवे की तरफ से मॉक ड्रिल
एडीएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि पीलीभीत जंक्शन पर आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए रेलवे की तरफ से मॉक ड्रिल की गई। मॉक ड्रिल में दौरान कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि थी जंक्शन पर ट्रेन डिरेल हो गई है। सूचना के बाद सबसे पहले डायल-112 की गाड़ियां मौके पर पहुंची। जो अलग-अलग विभाग को आगे सूचना देती रही हैं।

डीआरएम ने भी लिया जायजा
मॉक ड्रिल की सूचना पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के डीआरएम आशुतोष पंत को भी दी गई। सूचना के दो घंटे बाद वह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने स्थिति का जायजा लेकर रेलवे के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
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