शाहजहांपुर: मंदिर की शिफ्टिंग को जैक लगाने का काम जारी, खाली खेत में भरा पानी

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अमृत विचार, तिलहर/शाहजहांपुर। कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर को शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया लगातार प्रगति पर है। गुरुवार को मंदिर के अंदर से मिट्टी दूसरी जगह ले जाने को दीवारों की खुदाई चालू की गई। जैक लगाने का काम भी चलता रहा। साथ ही जिस खाली खेत की खुदाई की गई थी, उसमें पानी भर …

अमृत विचार, तिलहर/शाहजहांपुर। कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर को शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया लगातार प्रगति पर है। गुरुवार को मंदिर के अंदर से मिट्टी दूसरी जगह ले जाने को दीवारों की खुदाई चालू की गई। जैक लगाने का काम भी चलता रहा। साथ ही जिस खाली खेत की खुदाई की गई थी, उसमें पानी भर दिया गया। ताकि जमीन और मजबूत हो जाए। वहीं मंदिर शिफ्टिंग की प्रक्रिया से हिंदू संगठनों में रोष है। वहीं अधिकारियों ने हिंदू संगठनों से वार्ता करने के संकेत दिए हैं।

लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण में बाधक बन रहे प्राचीन हनुमान मंदिर को 30 मीटर पीछे खेत में खिसकाने के लिए जैक लगाने आदि का काम चल रहा है। मंगलवार को बजरंगवली में आस्था दिखाते हुए पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने मंदिर में आरती की थी तो बुधवार को विश्व हिंदू परिषद के नेता राजेश अवस्थी ने अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया था। साथ ही प्रशासन को चेतावनी दी थी कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए पहले शहर स्थित टाउन हाल से धर्मस्थल को हटाएं, फिर हनुमान मंदिर को शिफ्ट करें।

इधर, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार मंदिर शिफ्टिंग का विरोध कर रहे लोगों को मनाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है तो उधर मंदिर को शिफ्ट करने का ठेका लेने वाली हरियाणा की कंपनी अपने काम में लगी हुई है। बुधवार को हनुमान मंदिर की पश्चिमी और दक्षिणी दीवार में जैक लगाने और उन्हें उठाने के बाद मंदिर के अंदर शटर जमीन पर लगाने के लिए मिट्टी निकालने का काम भी शुरू कर दिया गया है।

हरियाणा की जय दुर्गा कंपनी हाउस लिफ्टिंग एंड शिफ्टिंग के मालिक कुलवीर सिंह ने बताया कि जैक लगाई जाने वाली दीवारों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए नीचे से मिट्टी का खदान किया जा रहा है। इसके बाद दीवार में जाल डालकर उसको चैनल से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। तो वही मंदिर को शिफ्ट करने के लिए दूसरी जगह पर 3 फीट गहराई की मिट्टी खुदाई की गई थी, जिसमें गुरुवार को कंपनी के द्वारा पानी भर दिया गया। जिससे नीचे की जमीन और पक्की हो जाए।

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