उद्योग तो तैयार है, इंतजार है तो सिर्फ बाजार का: बिमल रेवाड़ी
बरेली,अमृत विचार। बरेली मंडल के 90 फीसदी उद्योग संचालित हो चुके हैं, इससे आर्थिक पहिया धीरे-धीरे घूमने लगा है, हालांकि इसे दौड़ने में अभी वक्त लग सकता है। उत्पादन के लिए उद्योग तैयार हैं, रॉ मैटेरियल की उपलब्धता भी है, लेकिन उत्पादों की बिक्री के लिए उद्यमियों को बाजार का इंतजार है। फैक्ट्रियों के हिसाब …
बरेली,अमृत विचार। बरेली मंडल के 90 फीसदी उद्योग संचालित हो चुके हैं, इससे आर्थिक पहिया धीरे-धीरे घूमने लगा है, हालांकि इसे दौड़ने में अभी वक्त लग सकता है। उत्पादन के लिए उद्योग तैयार हैं, रॉ मैटेरियल की उपलब्धता भी है, लेकिन उत्पादों की बिक्री के लिए उद्यमियों को बाजार का इंतजार है। फैक्ट्रियों के हिसाब से हुनरमंद प्रवासियों की समस्या भी बनी है। यह कहना है इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के मंडल अध्यक्ष व जिले के प्रमुख उद्यमी बिमल रेवाड़ी का।
उन्होंने बताया कि बंद कारखानों को संचालित करने में उद्योग विभाग की भूमिका काफी प्रशंसीय रही। दो महीने बाद उद्योग शुरू हुए तो कुछ समय संचालन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कच्चे माल की उपलब्धता में देरी के साथ सप्लाई चेन टूट चुकी थी। तैयार माल के लिए परिवहन की दिक्कतें थी। इन समस्याओं का काफी हद तक समाधान हो गया है।
कोविड-19 गाइडलाइन उद्योग संचालन का हिस्सा बन गई है। जो उद्योग चल रहे हैं उनमें फिजिकल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग आदि के इंतजाम हैं, लेकिन इस वक्त उद्यमियों को बाजार में मंदी की वजह से बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। जून माह में मांग गिरने से उद्योग पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं।
प्रवासियों के मुद्दे पर रेवाड़ी ने बताया कि उद्योगों को कुशल प्रवासी मिलने की उम्मीद थी। इसके लिए बकायदा आईआईए की वेबसाइट पर सूची अपलोड की गई, लेकिन इनमें स्थानीय कुशल प्रवासी कामगारों में दर्जी, राजमिस्त्री एवं जरी जरदोजी से जुड़े कामगारों की संख्या ज्यादा होने के कारण खाद्य प्रस्करण से जुड़े उद्योगों एवं अन्य ईकाईयों को लाभ नहीं मिल सका है।
उन्होंने एमएसएमई के लिए हाल में शुरू की गई ‘आपात ऋण गारंटी योजना’ की सरहाना की। साथ ही यह भी कहा कि मंडल में बरेली के अलावा पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर चैप्टर आते हैं। यहां के उद्यमियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करना का काम किया जाएगा।
