अमरोहा: ‘प्रसव की सुविधा जनपद के सभी चिकित्सालय में होनी चाहिए’

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अमरोहा, अमृत विचार। जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, परिवार नियोजन, आशा भुगतान हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर टीकाकरण पर विस्तृत चर्चा बिन्दुवार जिलाधिकारी ने की। जिलाधिकारी ने …

अमरोहा, अमृत विचार। जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, परिवार नियोजन, आशा भुगतान हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर टीकाकरण पर विस्तृत चर्चा बिन्दुवार जिलाधिकारी ने की।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रसव की सुविधा जनपद के सभी चिकित्सालय में होनी चाहिए। इसके लिए महिला और पुरुष डॉक्टरों की तत्काल तैनाती किया जाए और नागरिकों को इसका लाभ दिया जाए, ताकि लोगों को डिलीवरी के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और सुरक्षित प्रसव की सुविधा अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में उपलब्ध हो सके।

जिलाधिकारी की समीक्षा के दौरान धनोरा एएमवाईसी की सभी बिंदुओं पर प्रगति खराब होने और संतोषजनक जवाब न देने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि धनौरा एमओआईसी को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाए। कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि कोई भी डॉक्टर यदि अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से नहीं करता है, लापरवाही करते हैं तो कठोर कार्यवाही की जाएगी, बख्सा नहीं जाएगा किसी भी स्थिति में।

समीक्षा में जानकारी मिली कि जनपद के सभी चिकित्सालयों में कुछ आशाओं का मानदेय विना कोई भी डिलीवरी कराए कर दिया जाता है। नाराजगी व्यक्त करते हुए आशाओं के भुगतान पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। कहा कि कोई भी आशा जो कार्य नहीं करती है, डिलीवरी नहीं कराती है तो उसे कोई भी यदि पेमेंट किया गया संज्ञान में आया तो बख्सा नहीं जाएगा। आरसीएच पोर्टल पर फीडिंग परफारमेंस पर संतोषजनक जवाब न मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जो कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ शासन को पत्र लिखा जाए और उन्हें हटाया जाए कोई जरूरत नहीं है।

जिलाधिकारी ने नियमित टीकाकरण को और अधिक सुदृढ़ करने हेत निर्देशित करते हुए कहा कि विशेष टीकाकरण सत्रों को आयोजन कराया जाये। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को सख्त निर्देश देते हुये कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई भी योजना धरातल पर दिखनी चाहिए, उसका लाभ जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैठक होती है, तो उसका परिणाम आना चाहिये, इसलिये कार्यशैली में सुधार लायें, ऐसे कार्य में हीला-हवाली रही तो आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जो बच्चे कमजोर हैं, खून की कमी है वजन कम है डोर टू डोर सर्वे कराकर उन बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया जाए और उनको पूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी चन्द्रशेखर शुक्ल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी सहित स्वास्थ्य समिति के अन्य सदस्य एवं सीएचसी, पीएचसी अधीक्षक उपस्थित रहे।

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