हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर ढाई लाख की गई इनाम की रकम, तलाश जारी

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लखनऊ, अमृत विचार। कानपुर के बिकरू गांव में एक सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार चल रहे मुख्य आरोपी विकास दुबे पर अब इनाम की राशि को बढ़ा दिया गया है। उस पर ईनाम राशि को डीजीपी एचसी अवस्थी ने बढ़ाते हुए ढाई लाख कर दिया है। पांच दिन में 25 से ढाई …

लखनऊ, अमृत विचार। कानपुर के बिकरू गांव में एक सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार चल रहे मुख्य आरोपी विकास दुबे पर अब इनाम की राशि को बढ़ा दिया गया है। उस पर ईनाम राशि को डीजीपी एचसी अवस्थी ने बढ़ाते हुए ढाई लाख कर दिया है।

पांच दिन में 25 से ढाई लाख तक कर दिया गया ईनाम
विकास को पकड़ने के के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन को एकाएक ईनाम राशि में बढ़ोतरी करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि सरकार और यूपी पुलिस ने अभी तक किसी भी अपराधी को पकड़ने के लिए इतनी तेजी से ईनामों में बढ़ोतरी नहीं की।

यह अपने आप में एक इतिहास है कि किसी अपराधी को पकड़ने के लिए पांच दिनों में ही ईनाम में दस गुना की बढ़ोतरी करनी पड़ी हो। करीब 23 साल पहले गोरखपुर के अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला को पकड़ने के लिए कुछ ही महीनों के अंदर ईनाम को एक लाख से बढ़ाकर ढाई लाख कर दिया गया था।

बता दें कि घटना के बाद उस पर 25 हजार, इसके एक दिन बाद 50, दो दिन बाद एक लाख तक का ईनाम कर दिया गया। इसके बाद सोमवार को सीधे ढाई लाख कर दिया गया। कानपुर आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने फरार चल रहे विकास दुबे पर इनाम की राशि बढ़ाने के लिए डीजीपी ऑफिस को लिखा था।

सर्चिंग अभियान में तेजी
विकास की गिरफ्तारी के लिए सर्चिंग अभियान को और भी तेज किए जाने की योजना तैयार कर ली है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विकास को जल्द से जल्द ढूंढ़ लिया जाएगा। घटना के बाद पांचवें दिन ईनाम में 10 गुना बढ़ोतरी करते हुए ढाई लाख कर दिया गया। बढ़ते ईनाम से अंदाजा लगाया जा सकता है, पुलिस विकास को पकड़ने के लिए और भी ईनाम राशि में बढ़ोतरी कर सकती है।

इसके साथ ही उसे जल्द से जल्द गिरफ्त में लेने के लिए यूपी पुलिस सभी तरह की गतिविधियों पर नजरें बनाये हुई है। सभी बारिकियों पर नजर रखते हुए ढूढ़ने के लिए भारी संख्या पुलिस टीम को लगाने के साथ ही खुफिया तत्रों का सहारा ले रही है। यूपी पुलिस और एसटीएफ विकास दूबे से जुड़े हुए छोटी से छोटी चीजों को लीड मानकर काम कर रही है।

पुलिस को उम्मीद है कि विकास की एक सी छोटी गलती उसकी गर्दन तक पहुंचा सकती है। इसके लिए पुलिस कड़ी मेहनत और धौर्य को परिचय देते हुए काम कर रही है। वहीं गिरफ्तारी के लिए सर्चिंग अभियान को और भी तेज कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विकास को जल्द से जल्द ढूढ लिया जाएगा।

बता दें कि विकास दुबे की गिरफ्तारी कि के लिए 40 थानों की फोर्स, एक हजार से अधिक दारोगा, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीम उसकी चप्पे-चप्पे पर तलाश कर रही है। इसके बाद भी 72 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

पुलिस ने कानपुर, कानपुर देहात, उन्नाव और आस-पास के जिलों में विकास दुबे के पोस्टर चस्पा किए हैं। साथ ही राहगीरों को भी विकास की तस्वीर दिखाकर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। हर एक थाना, चौकी प्रभारी और सिपाहियों की टीम लगाकर रास्ते में लोगों द्वारा उसके फोटो दिखाकर गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।

दो दरोगाओं समेत तीन और पुलिस सस्पेंड
उधर, आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के मामले में अब कानपुर एसएसपी ने दो दरोगाओं समेत तीन पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया है। दरअसल इस मामले में यह पता चला है कि थाने के ही कुछ लोगों ने मुखबिरी की थी, जिसके बाद गैंगस्टर विकास दुबे ने अपने असलहाधारी गुर्गों के साथ घात लगाकर पुलिस टीम पर हमला किया था।

इस मामले में पूरे थाने पर ही शक जताया जा रहा है। हालांकि कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने मामले में दो दारोगा और एक सिपाही को सस्पेंड करने की वजह जांच में लापरवाही बताई है।

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