बरेली: वाटरप्रूफ प्लास्टर से पशुओं की हड्डी जोड़ रहे वैज्ञानिक, मजबूती के लिए हो रहा उपयोग
बरेली, अमृत विचार। पशुओं की हड्डी में फ्रैक्चर होने पर आईवीआरआई में वाटरप्रूफ प्लास्टर से उन्हें उपचारित किया जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस प्लास्टर से पशुओं की हड्डी में ज्यादा वजन नहीं पड़ने के साथ ही अधिक लाभ मिलता है। इस कारण इसको प्राथमिकता दी जा रही है। आईवीआरआई के रेफरल वेटेनरी पॉलीक्लीनिक …
बरेली, अमृत विचार। पशुओं की हड्डी में फ्रैक्चर होने पर आईवीआरआई में वाटरप्रूफ प्लास्टर से उन्हें उपचारित किया जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस प्लास्टर से पशुओं की हड्डी में ज्यादा वजन नहीं पड़ने के साथ ही अधिक लाभ मिलता है। इस कारण इसको प्राथमिकता दी जा रही है।
आईवीआरआई के रेफरल वेटेनरी पॉलीक्लीनिक में रोजाना लगभग 3-4 छोटे-बड़े पशुओं की टूटी हड्डियों को प्लास्टर से जोड़कर ठीक किया जाता है। पहले वैज्ञानिकों की ओर से सफेद चूने वाले प्लास्टर का इस्तेमाल किया जाता था। जिससे कई बार पानी पड़ने या बड़े जानवरों के भारी वजन से प्लास्टर टूट जाता था। इसको ध्यान में रखकर वाटरप्रूफ प्लास्टर के इस्तेमाल से उन्हें सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
वैज्ञानिकों के अनुसार कुत्ता, बकरी सहित अन्य छोटे जानवरों की हड्डी जोड़ने में ज्यादा दिक्कत नहीं होती, मगर गाय-भैंस सहित दूसरे बड़े जानवरों की हड्डी जोड़ना आसान नहीं होता। बड़े पशुओं में खासतौर पर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। जिससे उन्हें चलने-फिरने के समय भी समस्या नहीं होती है।
पॉलीक्लीनिक प्रभारी प्रधान वैज्ञानिक डा. अमरपाल ने बताया कि वर्तमान में पशुओं की हड्डी टूटने पर उन्हें कई समस्याओं से बचाने के लिए वाटरप्रूफ प्लास्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। मजबूत होने से पशुओं की हड्डी कम समय में भी ठीक होने जैसे सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं।
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