अयोध्या: लैब निष्क्रिय, लाइब्रेरी अव्यवस्थित व खेल गतिविधियां शून्य

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अमृत विचार, अयोध्या। जनपद के अधिकतर माध्यमिक विद्यालयों में लैब निष्क्रिय पड़े हैं। लैब में छात्र प्रयोगात्मक कार्य करते दिखाई नहीं देते। विद्यालयों में स्थापित लाइब्रेरी भी अव्यवस्थित दशा में पड़ी हैं। छात्रों को विद्यालय में खेल के अवसर प्राप्त नहीं हो रहा है। मैदान अव्यवस्थित हैं। इससे छात्रों का सर्वांगीण विकास बाधित हो रहा …

अमृत विचार, अयोध्या। जनपद के अधिकतर माध्यमिक विद्यालयों में लैब निष्क्रिय पड़े हैं। लैब में छात्र प्रयोगात्मक कार्य करते दिखाई नहीं देते। विद्यालयों में स्थापित लाइब्रेरी भी अव्यवस्थित दशा में पड़ी हैं। छात्रों को विद्यालय में खेल के अवसर प्राप्त नहीं हो रहा है। मैदान अव्यवस्थित हैं। इससे छात्रों का सर्वांगीण विकास बाधित हो रहा है। शासन की सख्ती के बाद अब माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों के सर्वांगीण विकास को लेकर शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। दो अक्टूबर से जनपद के सभी माध्यमिक विद्यालयों में लैब, लाइब्रेरी और खेल गतिविधियों को सक्रिय करने के निर्देश दिये गये हैं।

जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र कुमार पांडेय ने जिले के माध्यमिक विद्यालयों को कोचिंग संस्थान न बनाने की हिदायत दी है। उन्होंने विद्यालयों में छात्रों के सर्वांगीण विकास पर काम न किए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि विद्यालयों को कोचिंग संस्थान न बनाएं। उन्होंने विद्यालय की लाइब्रेरी , प्रयोगात्मक लैब और खेल का उपयोग नहीं होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में 2 अक्टूबर से प्रत्येक विद्यालय में सभी छात्र को खेल का अवसर प्राप्त हो, छात्र लाइब्रेरी का उपयोग कर सकें और प्रयोगात्मक लैब का भी उपयोग करते हुए शिक्षण व्यवस्था से इतर भी अपने प्रयोग कर सकें। इस व्यवस्था को पुनर्जीवित कर संचालित करने का निर्देश दिया।

खेल शुल्क का उपयोग दूसरे मद में किया गया तो होगी कार्रवाई

जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिला पुस्तकालय में जनपद के माध्यमिक राजकीय व अनुदानित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की। बैठक में शिक्षा व्यवस्था के साथ छात्र के सर्वांगीण विकास पर फोकस किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विद्यालयों में लाइब्रेरी बंद पड़ी है। लाइब्रेरी की पुरानी किताबें उनमें अंडरलाइन किए हुए पन्ने शोभा होते हैं। बिना प्रयुक्त हुई किताबें लाइब्रेरी की शोभा नहीं बन सकतीं।

उन्होंने विद्यालयों में संगीत, गायन, वादन वाद विवाद रंगोली कला जैसे कार्यक्रमों को भी आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्र की प्रतिभा का आकलन और अवसर विद्यालय स्तर पर प्राप्त होता है जिसमें विद्यालय सहयोग प्रदान करें और छात्रों के लिए विद्यालय में स्वस्थ और ऊर्जा पूर्ण वातावरण का निर्माण करें। विद्यालयों के क्रीड़ा शुल्क को अन्यत्र खर्च करना थीएक नही। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी शुल्क का दूसरे मद में प्रयोग किया गया तो कार्रवाई होगी।

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