इस बार नोबेल प्राइज के रेस में मेडिकल फील्ड के mRNA टेक्नोलाॅजी रिसर्चर शामिल
स्टॉकहोम। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम स्थित करोलिंस्का संस्थान में सोमवार को नोबेल पुरस्कार समिति प्राणीविज्ञान या चिकित्सा के क्षेत्र में विजेता अथवा विजेताओं की घोषणा करेगी। इस साल जिन लोगों को सम्मानित किया जा सकता है उनमें एमआरएनए प्रौद्योगिकी के विकास में सहायक रहे अनुसंधानकर्ताओं को शामिल किए जाने की संभावना है जिनकी वजह से …
स्टॉकहोम। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम स्थित करोलिंस्का संस्थान में सोमवार को नोबेल पुरस्कार समिति प्राणीविज्ञान या चिकित्सा के क्षेत्र में विजेता अथवा विजेताओं की घोषणा करेगी। इस साल जिन लोगों को सम्मानित किया जा सकता है उनमें एमआरएनए प्रौद्योगिकी के विकास में सहायक रहे अनुसंधानकर्ताओं को शामिल किए जाने की संभावना है जिनकी वजह से कोविड-19 टीके का विकास हो पाया जिससे दुनिया भर में करोड़ों लोगों की जान बची।
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पिछले साल के पुरस्कार विजेताओं में डेविड जुलियस और आर्डेम पटापुटियन शामिल थे जिनकी खोज मानव शरीर तापमान और स्पर्श को किस तरह से महसूस करता है, इस विषय पर आधारित थी। पुरस्कार में एक करोड़ स्वीडीश क्रोनोर (करीब नौ लाख अमेरिकी डॉलर) की नकद राशि प्रदान की जाएगी जो विजेताओं को 10 दिसंबर को दी जाएगी। यह राशि पुरस्कार की स्थापना करने वाले स्वीडन के आविष्कारक अल्फ्रेड नोबल द्वारा छोड़ी गई वसीयत से दी जाती है। अल्फ्रेड नोबल की मृत्यु 1895 में हुई थी।
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