रायबरेली: उत्तरी ग्रिड ने घटाई बिजली की मांग, 920 मेगावाट का उत्पादन रोका गया

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रायबरेली। उत्तर भारत में हो रही बरसात के कारण विद्युत लाइने प्रभावित हुई है। जिसके कारण उत्तरी ग्रिड ने ऊंचाहार एनटीपीसी से बिजली की मांग घटा दी है। इसलिए एनटीपीसी ने तीन इकाइयों को बंद कर दिया है। इसमें कुल 920 मेगावाट का उत्पादन रोका गया है। विगत तीन दिन से उत्तर भारत के कई …

रायबरेली। उत्तर भारत में हो रही बरसात के कारण विद्युत लाइने प्रभावित हुई है। जिसके कारण उत्तरी ग्रिड ने ऊंचाहार एनटीपीसी से बिजली की मांग घटा दी है। इसलिए एनटीपीसी ने तीन इकाइयों को बंद कर दिया है। इसमें कुल 920 मेगावाट का उत्पादन रोका गया है। विगत तीन दिन से उत्तर भारत के कई भागों में लगातार बरसात हो रही है। जिसके कारण विद्युत वितरण व्यवस्था बाधित हुई है।

जिसका सीधा असर ग्रिड पर पड़ा है। बिजली लाइन बाधित होने से विद्युत खपत कम हो गई है। इसलिए ग्रिड का संतुलन बनाए रखने के लिए उत्तरी ग्रिड ने ऊंचाहार परियोजना से बिजली की मांग को घटा दिया गया है। उसके बाद एनटीपीसी प्रबंधन ने यूनिट नंबर एक , दो और छह को बंद कर दिया है।

920 मेगावाट बिजली उत्पादन रोका
एनटीपीसी को नार्दन रीजन लोड डिस्पैच सेंटर (एनआरएलडीसी) ने बिजली उत्पादन कम करने का निर्देश बुधवार की शाम को दिया गया। उसके बाद 210 मेगावाट प्रत्येक यूनिट क्षमता की यूनिट नंबर एक और दो तथा 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर छह को बंद कर दिया गया है। ज्ञात हो कि एनटीपीसी ऊंचाहार में 210 मेगावाट प्रत्येक यूनिट क्षमता की पांच और 500 मेगावाट क्षमता की एक यूनिट स्थापित है।

ऊंचाहार परियोजना की कुल उत्पादन क्षमता 1550 मेगावाट है। 920 मेगावाट का उत्पादन रोक देने के बाद अब मात्र 530 मेगावाट का उत्पादन हो रहा है। एनटीपीसी की जनसंपर्क अधिकारी कोमल शर्मा ने बताया कि ग्रिड के निर्देश पर तीन यूनिटों को रिजर्व शटडाउन पर किया गया है।

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