फर्रुखाबाद: जाति सूचक गाली व धमकी देने में तीन को एक साल की सजा

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फर्रुखाबाद, अमृत विचार। जाति सूचक गाली देकर अपमानित करने व धमकी देने के मुकदमे में विशेष न्यायालय एससीएसटी के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने तीन लोगों को दोषी पाकर एक-एक साल की सजा सुनाई। 11-11 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है। कमालगंज क्षेत्र …

फर्रुखाबाद, अमृत विचार। जाति सूचक गाली देकर अपमानित करने व धमकी देने के मुकदमे में विशेष न्यायालय एससीएसटी के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने तीन लोगों को दोषी पाकर एक-एक साल की सजा सुनाई। 11-11 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है।

कमालगंज क्षेत्र के गांव ढपलपुर निवासी चरन सिंह ने हबीब का खेत बटाई पर लिया था। उसमें मक्का की फसल की थी। खेत गांव के जलालुद्दीन उर्फ जल्लू के घर के पास था। जल्लू के लड़के भुटटा तोड़कर फसल को नुकसान करते थे। मना करने पर वह गाली गलौज करते थे। मक्का के बाद खेत में आलू की फसल की, उसको भी खराब करने लगे। 14 अक्तूबर 2006 को भाभी कामिनी व बहन मीरा बकरियां लेकर खेत में गई थी। बकरियां छूट कर किसी तरह जलालुद्दीन उर्फ जल्लू के बाजरा के खेत में चली गई। इससे नाराज होकर जलालुद्दीन उर्फ जल्लू, जियालुद्दीन उर्फ गोविंद, बाकर अली उर्फ बाकर, चंदा उर्फ मेहंदी व एक अन्य ने भाभी व बहन को मारपीट कर जाति सूचक गाली दी। जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित चरन सिंह ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक की पत्रावली अलग कर दी। जलालुद्दीन की मौत हो गई। तीन के खिलाफ मुकदमा चला। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कटियार ने दलीले पेश की। न्यायाधीश ने बाकर अली, गोविंद उर्फ जियाउद्दीन व चंदा उर्फ मेहंदी हसन को दोषी पाकर सजा व जुर्माने से दंडित किया है।

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