भारत का श्रीलंकाई पर्यटन को पटरी पर लाने में मदद का वादा
कोलंबो। भारत में टूर्स एवं ट्रेवल्स ऑपरेटरों ने श्रीलंका के पर्यटन उद्योग को सकारात्मक रुप से बढ़ाने के लिए मदद करने का वादा किया है। दैनिक ‘एफटी’ अखबार ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में बताया कि ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई) ने कहा कि वह भारत में श्रीलंका के पर्यटन स्थलों के बारे में …
कोलंबो। भारत में टूर्स एवं ट्रेवल्स ऑपरेटरों ने श्रीलंका के पर्यटन उद्योग को सकारात्मक रुप से बढ़ाने के लिए मदद करने का वादा किया है। दैनिक ‘एफटी’ अखबार ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में बताया कि ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई) ने कहा कि वह भारत में श्रीलंका के पर्यटन स्थलों के बारे में बताने से पीछे नही हटेगा। टीएएआई की अध्यक्ष ज्योति मयाल ने ‘मिरर बिजनेस’ से कहा कि भारतीय ट्रैवल और टूर्स एजेंट का मानना है कि श्रीलंका का समर्थन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा ,“मेरा मानना है कि श्रीलंका समर्थन का हकदार है। केवल पैसों के लिए नहीं बल्कि इस देश से हमारी भारतीय संस्कृति , इतिहास और धर्म का संबंध है।” उन्होंने कहा कि हर संकट निश्चित रुप से कई अवसरों को लाता हैं। श्रीलंका के साथ टीएएआई का समर्थन है और इससे वह जल्द और अधिक प्रभाव रुप से पुनर्जीवित होगा। रिपोर्ट के अनुसार 60वें टीएएआई सम्मेलन किसी अन्य देश में होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर सुश्री मयाल ने कहा कि संघ अपने सम्मेलन को योजना के अनुसार श्रीलंका में लाने के लिए उत्सुक और दृढ़ है।
श्रीलंका एक ‘मध्यम आय’ वाला देश बना रहेगा: राष्ट्रपति कार्यालय
गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका के राष्ट्रपति के मीडिया विभाग ने मंगलवार को कहा कि श्रीलंका एक ‘मध्यम आय’ वाला देश बना रहेगा और उसके अनुरूप विश्व बैंक से रियायती ऋण जारी करने का अनुरोध किया। राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के मीडिया प्रकोष्ठ ने एक बयान में कहा, “श्रीलंका एक मध्यम आय वाला देश बना रहेगा लेकिन हम विश्व बैंक से अनुरोध करेंगे कि अंतरराष्ट्रीय विकास संघ (आईडीए) से वित्त पाने के लिए जरूरी पात्रता हमें प्रदान करे।” इस घोषणा के कुछ घंटे पहले ही श्रीलंका के मंत्रिमंडल ने अभूतपूर्व आर्थिक संकट को देखते हुए देश के आर्थिक दर्जा को घटाकर ‘कम आय वाला’ देश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
विश्व बैंक के अनुसार, वर्ष 2021 में श्रीलंका का प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 3,815 डॉलर था। यह आंकड़ा श्रीलंका को ‘मध्यम आय’ श्रेणी में रखता है। श्रीलंकाई केंद्रीय बैंक ने इस साल जीडीपी में 8.7 प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान जताया है। राज्य सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, इस साल सितंबर माह में देश की मुद्रास्फीति 69.8 प्रतिशत के नये रिकॉर्ड पर है। एक महीने पहले यह 64.3 प्रतिशत था। मंत्रिमंडल ने गंभीर आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए मंगलवार को विश्व बैंक जैसे वैश्विक पूंजी ऋणदाताओं से अतिरिक्त रियायती धन प्राप्त करने के लिए श्रीलंका को ‘कम आय वाले’ देश में वर्गीकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
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