अमेरिका की पहली हिंदू महिला सांसद ने छोड़ी डेमाक्रेटिक पार्टी, बाइडेन सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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वाशिंगटन। अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड ने सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ दी है। दो साल पहले डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रहीं तुलसी गबार्ड ने प्रेसिडेंट जो बाइडेन की पार्टी छोड़ते हुए पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तुलसी के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी एक तरह से सियासी नफा-नुकसान देखने …

वाशिंगटन। अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड ने सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ दी है। दो साल पहले डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रहीं तुलसी गबार्ड ने प्रेसिडेंट जो बाइडेन की पार्टी छोड़ते हुए पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तुलसी के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी एक तरह से सियासी नफा-नुकसान देखने वाला एलीट क्लब बनकर रह गई है। यह पार्टी एक तरह से कुछ एलीट लोगों के नियंत्रण में है। जो जंग की बातें करते हैं। श्वेत लोगों का विरोध करते हैं नस्लभेदी ग्रुप में तब्दील हो रहे हैं।

अन्य डेमोक्रेट्स से समर्थन की अपील

तुलसी ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफे की घोषणा की। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया गया। उन्होंने कहा- मेरी तरह सोचने वालों को अब डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ देनी चाहिए। गैबार्ड ने आगे अपने साथी डेमोक्रेट्स से भी उनके साथ जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि उनके सहयोगियों को भी पार्टी छोड़ देनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने अभी तक अपनी नई राजनीतिक योजनाओं या रिपब्लिकन पार्टी में शामिल होने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। 41 साल की तुलसी भारतीय मूल की नहीं हैं। उनका जन्म 12 अप्रैल 1981 को अमेरिका में हुआ था। वह हवाई से चार बार सांसद रह चुकी हैं। राजनीति में आने से पहले वह अमेरिकी सेना में थीं। वह 12 महीने तक इराक में भी तैनात रहीं।

देश में लोगों की बुनियादी स्वतंत्रता को कमजोर करने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की आलोचना करते हुए, गबार्ड ने कहा कि वह एक ऐसी सरकार में विश्वास करती है जो लोगों के लिए है, हालांकि, आज की डेमोक्रेटिक पार्टी इन मूल्यों के साथ खड़ी नहीं है। तुलसी गबार्ड अमेरिकी कांग्रेस में राष्ट्रपति पद के लिए दौड़ने वाली पहली हिंदू सांसद थीं। 2004 से 2005 तक इराक में युद्ध के दौरान गबार्ड ने हवाई आर्मी नेशनल गार्ड की फील्ड मेडिकल यूनिट में भी काम किया और 2008 से 2009 तक कुवैत में तैनात रहे।

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