बरेली: ग्राम पंचायतों के विकास कार्य अब पकड़ेंगे गति
बरेली,अमृत विचार। अब ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होगी। अभी तक काम के एस्टीमेट डीआरडीए कर्मी बनाते आ रहे थे, अब शासन ने इसमें बदलाव कर दिया है। अब ग्राम पंचायतों के कामों का हिसाब-किताब आरईएस, लघु सिंचाई और जिला पंचायत के जेई भी बना सकेंगे। जनपद में 1193 …
बरेली,अमृत विचार। अब ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होगी। अभी तक काम के एस्टीमेट डीआरडीए कर्मी बनाते आ रहे थे, अब शासन ने इसमें बदलाव कर दिया है। अब ग्राम पंचायतों के कामों का हिसाब-किताब आरईएस, लघु सिंचाई और जिला पंचायत के जेई भी बना सकेंगे।
जनपद में 1193 ग्राम पंचायतें हैं। शासन को पता चला कि ग्राम पंचायतों में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) कर्मी कामों का आगणन बनाने में अनावश्यक देरी करते हैं। इससे विकास कार्य समय से शुरू नहीं हो पाते। शासन ने अब इसमें बदलाव कर दिया है।
निदेशक पंचायत राज के आदेश के मुताबिक जीपीडीपी की धनराशि के कार्यवार आगणन तैयार करने और तकनीकी अनुमोदन के लिए जेई एमआई, जेई डीआरडीए, मंडी परिषद और जिला पंचायत के कर्मियों का सहयोग लिया जाए। एस्टीमेट बनाने के लिए केवल डीआरडीए को ही अधिकृत न करने की हिदायत दी गई है।
ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं में होने वाले विकास कार्यों के आगणन तैयार करने के लिए अन्य विभागों में कार्यरत अवर अभियंताओं को कहा गया है। प्रभारी डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि अभी तक विकास योजनाओं का आगणन डीआरडीए में तैयार किए जाते थे। अब इसमें फेरबदल करते हुए अन्य विभागों के अवर अभियंताओं को आगणन बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
