कानपुर में धूमधाम से मनाया जा रहा प्रेम, सामंजस्य और समर्पण का पर्व करवा चौथ
कानपुर, अमृत विचार। शहर में प्रेम, सामंजस्य, समर्पण, विश्वास, संस्कार,त्याग, शिव – मां पार्वती और अखण्ड सौभाग्य का पर्व करवाचौथ धूमधाम से मनाया जा रहा है। पति की लंबी उम्र की कामना का ये व्रत। एक निर्जला उपासना है जहां बिना कुछ खाए-पीए स्त्री भगवान शिव और मां पार्वती से अखण्ड सौभाग्य की कामना करती …
कानपुर, अमृत विचार। शहर में प्रेम, सामंजस्य, समर्पण, विश्वास, संस्कार,त्याग, शिव – मां पार्वती और अखण्ड सौभाग्य का पर्व करवाचौथ धूमधाम से मनाया जा रहा है। पति की लंबी उम्र की कामना का ये व्रत। एक निर्जला उपासना है जहां बिना कुछ खाए-पीए स्त्री भगवान शिव और मां पार्वती से अखण्ड सौभाग्य की कामना करती है।
वो इस शुभ दिन सोलहों सृंगार करके पूरे विधि विधान से इसको करती हैं। मान्यता है कि करवा चौथ व्रत करने से पति को लंबी आयु की प्राप्ति होती है। इस दिन कहीं-कहीं सुबह-सुबह सरगी खाने का भी विधान है। इसके बाद दोपहर को पूजा की जाती है और रात को चंद्रमा को अर्घ्य देकर और पति का चेहरा देखकर सुहागिन वृत तोड़ रही हैं।

करवा चौथ को सूर्योदय के पूर्व ही (सरगी) सास-ससुर द्वारा दिया अल्पाहार करने के उपरांत अपराह्न तक निर्जल व्रत रहने का नियम है। अपराह्न 4 बजे से 5 बजे के मध्य अपनी सास-जेठानी अथवा किसी अन्य पूज्य महिला से कहानी सुनें। कथा सुनते समय एक पटरे या चौकी पर जल से भरा लोटा और थाली में रोली, गेहूं, चावल से भरा हुआ मिट्टी का करवा ढक्कन सहित रख लें। साथ ही बायने के लिए तेरह करवे रोली से सतीया लगाकर भी रख लें।

कहानी सुनने के पश्चात सबसे पहले एक करवे पर हाथ फेर के वह करवा अपनी सास के पैरों में पड़कर सास को दे दें। इसके बाद रोली सतीया लगे हुए खांड के तेरह करवे सुहागिन महिलाओं को बायने में देने चाहिए और सुहागिनों से ही लेने चाहिए। इसके बाद लोटे का जल और तेरह दाने गेहूं के चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए अलग रख लें। रात्रि को जब चंद्रमा निकल आए, तब चंद्रमा को अर्घ्य देकर भोजन करें।
करवा चौथ पर हुई देवी-देवताओं की पूजा
करवाचौथ के दिन श्री गणेश, मां गौरी और चंद्रमा की पूजा की जाती है. चंद्रमा पूजन से महिलाओं को पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख का वरदान मिलता है. विधि-विधान से त्योहार मनाने से महिलाओं का सौंदर्य भी बढ़ता है. माना जाता है कि, करवाचौथ की रात सौभाग्य प्राप्ति के प्रयोग का फल निश्चित मिलता है।
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