अयोध्या: बाढ़ से बेघर 11 हजार की आबादी, मरहम में मिला लंच पैकेट
अमृत विचार, अयोध्या। जिले में आई बाढ़ के प्रकोप ने तीन तहसीलों के 18 गांवों की करीब 11 हजार आबादी को घर से बेघर कर दिया है। सरयू का जलस्तर घटने के बाद भी अभी प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ का पानी बरकरार है। बाढ़ पीड़ितों को मिले जख्म पर केवल लंच पैकेट का मरहम लगाया …
अमृत विचार, अयोध्या। जिले में आई बाढ़ के प्रकोप ने तीन तहसीलों के 18 गांवों की करीब 11 हजार आबादी को घर से बेघर कर दिया है। सरयू का जलस्तर घटने के बाद भी अभी प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ का पानी बरकरार है। बाढ़ पीड़ितों को मिले जख्म पर केवल लंच पैकेट का मरहम लगाया जा रहा है। वहीं जलस्तर घटने से सोहावल के तटीय इलाकों में जहां कटान शुरू हो गई है। सोहावल – ढेमवा मार्ग पूरी तरह कट कर बाढ़ का निवाला बन चुका है। केवल एक किलोमीटर का पुल और 500 मीटर सड़क ही सुरक्षित बची हुई है।
शनिवार को सरयू का जलस्तर 93.540 दर्ज किया गया। अभी भी सरयू खतरे के निशान से 81 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार तक जलस्तर में और गिरावट की सम्भावना है। सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार सरयू की कटान ढेमवा स्थित श्मशान घाट को भी अपनी चपेट में लेती नजर आ रही। शनिवार को ढेमवा पुल से गोंडा को जाने वाला बचा हुआ सम्पर्क मार्ग भी टुकडों टुकडों में बाढ़ में समा चुका है। एसडीएम मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण बोर्ड सहित हल्का लेखपाल राजस्व निरीक्षक निगरानी कर रहे हैं।
कागजों में चल रही है नाव
पूराबाजार प्रतिनिधि के अनुसार राहत केंद्र पर बसेरा लिए बाढ़ पीड़ितों को समय से भोजन नहीं मिल पा रहा है। यह मामला शनिवार को दशरथ समाधि स्थल केंद्र पर दिखा। यहां बच्चे और लोग दोपहर 12 बजे तक लंच पैकेट का इंतजार करते रहे उसके बाद उन्हें भोजन नसीब हुआ। प्रभावित क्षेत्रों में लगाई गई नावें भी कागजों में ही चल रही है, जिसके कारण बाढ़ पीड़ित पानी में होकर गुजर रहे हैं। रामपुर पुआरी माझा में नाव के अभाव में लोग कमर भर पानी से निकल रहे हैं।
बाढ़ पीड़ित सीताराम निषाद, रामशरण निषाद , राजू निषाद , परशुराम निषाद ,अजय निषाद के अनुसार उन्हें नाव नहीं मिली। लेखपाल फकीरे प्रसाद ने बताया कि 9 नाव केवल रामपुर पुआरी माझा में ही लगाई गई है। समय पर लंच पैकेट वितरण न होने पर प्रभारी राजस्व निरीक्षक गिरजा प्रसाद वर्मा ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों पर भोजन की व्यवस्था की गई है। यदि समय में देर हो रही है तो अब समय से ही भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
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