बाराबंकी: दो बच्चों समेत पति-पत्नी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

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बाराबंकी। मंगलवार सुबह एक ही परिवार के चार सदस्यों की फांसी पर लटकते शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गयी। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियो ने घटनास्थल का मुआयना करके शव का पंचनामा भरकर मामले की छानबीन शुरू कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र आवास विकास कालोनी के सेक्टर दो …

बाराबंकी। मंगलवार सुबह एक ही परिवार के चार सदस्यों की फांसी पर लटकते शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गयी। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियो ने घटनास्थल का मुआयना करके शव का पंचनामा भरकर मामले की छानबीन शुरू कर दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र आवास विकास कालोनी के सेक्टर दो के निवासी योगेंद्र सिंह के यहां दो वर्षों से किराये पर रह रहा था। इस परिवार के मुखिया ललित गौढ़ (40) व उनकी पत्नी प्रिया (35) पुत्र श्रीयम (12) और आठ वर्षीय पुत्र अदरथ के फांसी पर लटक कर आत्महत्या करने का मामला प्रकाश में आया।

मंगलवार सुबह ज़ब उनका दूध वाला रोजाना की भांति दूध देने के लिये दरवाजा नहीं खुलने पर उसे आशंका हुई तो उसने मकान मालिक को बताया। जिसके बाद अनहोनी की आशंका पर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने आकर ज़ब दरवाजा तोड़ कर अंदर जाकर देखा तो अनहोनी हो चुकी थी। दोनों बच्चो के शव गैलरी के रोशनदान, प्रिया का शव बेडरूम में पंखे के सहारे और ललित का शव कमरे में लगे पंखे से फांसी के फंदे से लटका मिला।

कमरे में लगे टीवी पर सुसाइड नोट चस्पा था। जिसमे पारिवारिक कलह की वजह से परिवार ने आत्महत्या की घटनास्थल का मुआयना करने पहुँचे पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविन्द चतुर्वेदी ने पुष्टि की। एसपी ने यह बताया की परिवार का मुखिया एलईडी की फैक्ट्री चला कर परिवार का गुजारा करता था।

उन्होंने यह भी कहा की पारिवारिक झगड़े के चलते इस परिवार ने ख़ुदकुशी की बात कहते हुऐ कहा की मृतक ललित पहले लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करता था जिसके बाद उसने बाराबंकी आकर एलईडी बनाने का काम शुरू किया जो मऊ जिले के ख़ुशी थाना क्षेत्र का मूल निवासी है इनके परिवार को सूचित कर दिया गया है। इस दौरान उपजिलाधिकारी और फोरेंसिक टीम भी जांच करने पहुंची। मौके पर कोतवाली नगर की टीम के साथ सीओ सदर सुशील सिंह भी मौजूद रहे।

40 दिन में दूसरी बड़ी घटना
कोतवाली नगर क्षेत्र में बीते 40 दिनों में यह लगातार दिल दहला देने वाली दूसरी ह्रदय विदारक घटना है। जिसमें बच्चों सहित पूरा परिवार एक साथ मौत को गले लगा लिया। बीती पांच जून को भी एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत की बात अभी लोग भूल भी नहीं सके थे की आवास विकास में यह घटना हो गयी। पुलिस और प्रशासन इसे आर्थिक तंगी नहीं मानता है। लेकिन दोनों मामलो में इन परिवारों के बच्चे महंगे स्कूलों के छात्र थे।

ललित के बेटे पास के ही एक महंगे स्कूल के छात्र थे। दूसरी बात यह की बीते चार महीनों से ललित का एलईडी का कारोबार ठप रहा। यह चर्चा है की लॉक डाउन के दौरान परिवार की आर्थिक रूप से कमर टूट चुकी थी। ललित ने पूर्व में भी कई काम किये जिसमे उसे घाटा हुआ था।

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