रामपुर: शाहबाद पहुंचे प्रभारी मंत्री, बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का लिया जायजा
रामपुर, अमृत विचार। पशुधन एवं दुग्ध विकास, राजनैतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ़ एवं हज तथा नागरिक सुरक्षा विभाग कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माध्यमिक शिक्षा गुलाब देवी और राज्यमंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग संजय सिंह गंगवार ने रविवार को ग्राम मदारपुर में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। …
रामपुर, अमृत विचार। पशुधन एवं दुग्ध विकास, राजनैतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ़ एवं हज तथा नागरिक सुरक्षा विभाग कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माध्यमिक शिक्षा गुलाब देवी और राज्यमंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग संजय सिंह गंगवार ने रविवार को ग्राम मदारपुर में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।
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इसके बाद प्रभारी मंत्री ने मदारपुर के रहने वाले बुद्धू और डालचंद का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की वजह से उनको 95100 रुपए और किशोरी लाल, कृपाल सिंह, चेतराम, धान सिंह, लालता प्रसाद, डोरी, धान सिंह और चंद्रपाल को उनके मकान में आंशिक क्षति होने की वजह से 3200 रुपए के चेक दिए। इसके बाद उन्होंने गांव में स्थित सिद्ध समाधि स्थल मढ़ी में पहुंचकर दर्शन किए।
तहसील शाहबाद के ग्राम मदारपुर पहुंचकर मंत्री समूह ने कोसी और रामगंगा की वजह से गांव के तटीय क्षेत्र में कटान की स्थिति देखी और जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ से राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिशासी अभियंता नहर खंड सियाराम से कहा कि वह गांव में मंदिर के महत्व को देखते हुए घाट निर्माण तथा तटबंध तैयार करने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोसी नदी में बाढ़ की समस्याओं की वजह से ग्रामीण जनों को सहूलियत देने के मद्देनजर स्थाई समाधान आवश्यक है इसलिए प्रानपुर सहित अन्य प्रभावित गांवों को चिन्हित करके वहां भी स्थाई रूप से तटबंध तैयार करने का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि छपर्रा, रवन्ना और मदारपुर नदी के किनारे स्थित सर्वाधिक प्रभावित गांव हैं। मदारपुर में कोसी और रामगंगा आपस में मिलती हैं इस गांव में 10 मकानों को नुकसान पहुंचा है। बताया कि जिले में बाढ़ और लगातार बारिश के दौरान विद्यालयों को शेल्टर होम के रूप में तैयार कराया गया था जिसमें प्रभावित लोगों को सुरक्षित किया गया और उनके खानपान का प्रबंध कराया गया था।
उन्होंने बताया कि प्रशासन का यह प्रयास है कि आगामी सात दिन में सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया जाए और 15 दिन के भीतर फसल नुकसान से प्रभावित प्रत्येक किसान को सरकार की मंशा के अनुरूप मुआवजा दे दिया जाएगा। इस मौके पर सांसद घनश्याम सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, एडीएम राजस्व एवं वित्त हेम सिंह समेत काफी पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
तेजी से हो रहा बाढ़ से नुकसान का सर्वे
प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह के पूछने पर जिलाधिकारी ने बताया कि सर्वे का कार्य तेजी से हो रहा है। सरकार द्वारा 13500 रुपए प्रति हेक्टेयर का मुआवजा निर्धारित किया गया है सर्वे रिपोर्ट के अनुसार इसी अनुपात में मुआवजे का वितरण कराया जाएगा।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि अब बाढ़ और बारिश के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर सर्पदंश के उपचार के लिए जरूरी इंजेक्शन और अन्य महत्वपूर्ण दवाओं की उपलब्धता अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी पशुओं में बाढ़ के बाद होने वाली विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए जरूरी इंजेक्शन और दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखें और आवश्यकता के अनुरूप पशुओं को त्वरित रूप से बेहतर उपचार मिलना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीणों को मुर्रा नस्ल की भैंस के आर्थिक महत्व के बारे में भी जानकारी दी साथ ही कहा कि इस दिवाली अपने घरों में के गोबर से बने नौ दिए अवश्य जलाएं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा अयोध्या की दिवाली में इस बार गाय के गोबर से बने सवा लाख दिए भेजे जा रहे हैं।
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